रिपोर्टर : आशुतोष सिहं ठाकुर
सीजी भास्कर, 18 जून : छत्तीसगढ़ में बिजली की बढ़ती कीमतों और ‘स्मार्ट मीटर’ के विरोध में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का हमला और तेज (CG Electricity Bill Dispute) हो गया है। प्रदेश के प्रथम पंचायत मंत्री व पूर्व विधायक अमितेश शुक्ला ने राज्य की वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को आड़े हाथों लेते हुए बिजली दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर की कथित गड़बड़ियों और देश-प्रदेश में आसमान छूती महंगाई को लेकर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय उन पर लगातार चौतरफा आर्थिक बोझ लादने का काम कर रही है, जिससे मिडिल क्लास और गरीब तबका पूरी तरह बेहाल है।
भाजपा के राज में 5वीं बार बढ़ी बिजली दरें, कृषि पंपों पर भी बढ़ा भार
अमितेश शुक्ला ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के छोटे से कार्यकाल में ही अब तक रिकॉर्ड पांचवीं बार बिजली दरों में बढ़ोतरी कर दी गई है। उन्होंने दरों का विवरण देते हुए बताया कि
घरेलू उपभोक्ता : सामान्य आम जनता और घरेलू कनेक्शनों पर 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की भारी वृद्धि की गई है।
गैर-घरेलू उपभोक्ता : व्यावसायिक और गैर-घरेलू कनेक्शनों पर 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त भार डाला गया है।
किसान वर्ग : हद तो यह है कि खेती-किसानी करने वाले अन्नदाताओं को भी नहीं बख्शा गया और कृषि पंपों की बिजली दरों में सीधे 40 पैसे प्रति यूनिट की बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है।
स्मार्ट मीटर से 3 से 4 गुना तक आ रहे हैं बिल
पूर्व मंत्री ने राज्य में तेजी से लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, तब से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल सामान्य महीनों की तुलना में कई गुना बढ़ गए हैं। जमीन स्तर पर आ रही शिकायतों के मुताबिक, ये नए स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से कहीं ज्यादा तेज रीडिंग दर्ज कर रहे हैं, जिसके कारण कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बिजली बिल अचानक तीन से चार गुना तक उछल गया है। अमितेश शुक्ला ने दावा किया कि अकेले जून महीने में ही प्रदेश के 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल सामान्य से अत्यधिक आए हैं, जिससे जनता के भीतर सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।
कांग्रेस के 5 साल बनाम भाजपा का कार्यकाल
पूर्व विधायक ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस के 5 वर्षों के शासनकाल के दौरान पूरे प्रदेश में बिजली दरों में केवल 2 पैसे की मामूली वृद्धि की गई थी। इसके साथ ही ‘400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना’ के जरिए राज्य के लाखों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को हर महीने बड़ी वित्तीय राहत मिलती थी। लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले इस जनहितैषी योजना को बंद किया और फिर लगातार बिजली दरें बढ़ाकर जनता की कमर तोड़ दी।
महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस को लेकर भी घेरा, जांच की मांग
बिजली के अलावा अमितेश शुक्ला ने रोजमर्रा के सामानों की बढ़ती कीमतों, पेट्रोल-डीजल की ऊंची दरों और रसोई गैस (LPG) सिलेंडर के दामों को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने सरकार से सार्वजनिक रूप से मांग की है कि जून महीने में आए सभी अत्यधिक और विसंगतिपूर्ण बिजली बिलों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। पूरे प्रदेश में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए और त्रुटियों को सुधारा जाए। आम उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के लिए बढ़ी हुई दरों को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और महंगाई को लेकर जनता के भीतर पनप रही यह नाराजगी आने वाले समय में सरकार के खिलाफ एक बड़े जन-आंदोलन और जनमत का रूप ले सकती है।





