सीजी भास्कर, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ सरकार ने बीजापुर जिले में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर दिलीप उइके को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक महिला कांस्टेबल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद की गई है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर अगस्त 2025 में डौंडी थाना में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से आरोपी अधिकारी के खिलाफ जांच जारी थी।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 में आईटीआई में पढ़ाई के दौरान दोनों के बीच परिचय हुआ, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गया। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने शादी का आश्वासन देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि इस दौरान गर्भधारण होने पर आरोपी ने जबरन दवा देकर गर्भपात कराया। बाद में भी आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर संबंध बनाए और विवाह से मुकर गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने वर्ष 2025 में आर्थिक सहायता के नाम पर उससे करीब 3.30 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवाए। जब महिला ने विवाह के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने संपर्क खत्म कर दिया। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच पूरी होने तक अधिकारी निलंबित रहेंगे और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
बताया जा रहा है कि दिलीप उइके पहले बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर भी कार्यरत रह चुके हैं। पुलिस और प्रशासन दोनों स्तर पर मामले की जांच जारी है।






