सीजी भास्कर, 02 जून : छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट के मुद्दे पर सियासी पारा एक बार फिर पूरी तरह से चढ़ गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज ने राज्य की वर्तमान कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर बेहद तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ में इस समय पूरी तरह से प्रशासनिक अराजकता हावी हो चुकी है। बैज ने बेमेतरा में मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान सामने आई भारी अव्यवस्था को इसका ताजा उदाहरण बताते हुए कहा कि यह घटना राज्य की बेलगाम हो चुकी नौकरशाही का एक प्रत्यक्ष नमूना है। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि प्रदेश में इस समय सरकार नाम की कोई चीज नहीं बची है और अधिकारी पूरी तरह से निरंकुश हो चुके हैं। इस तीखे बयान ने राज्य में (CG Political News) के तहत एक बड़े सियासी घमासान को जन्म दे दिया है।
तो समझें स्थिति कितनी बदतर है
दीपक बैज ने बेमेतरा की घटना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद विधानसभा अध्यक्ष को पूरी सरकार के समक्ष एक गरिमामय सरकारी कार्यक्रम में फैली अव्यवस्था पर मंच से अपना कड़ा रोष और नाराजगी प्रकट करनी पड़ी। बैज ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक और अभूतपूर्व स्थिति है कि जिस कार्यक्रम में सूबे के मुखिया यानी मुख्यमंत्री खुद मौजूद हों, वहां की प्रशासनिक व्यवस्था इतनी लचर हो कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को मंच से अधिकारियों को फटकार लगानी पड़े। यह साफ तौर पर जाहिर करता है कि ब्यूरोक्रेसी के दिल से शासन का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है।
अपनों के ही आरोपों से घिरी सरकार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने केवल बेमेतरा की अव्यवस्था ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के भीतर से ही उठ रही असंतोष की आवाजों को लेकर भी सरकार को बुरी तरह कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रमों को सिलसिलेवार ढंग से सामने रखते हुए कहा कि बेमेतरा में ही आयोजित हुए ‘सुशासन त्योहार’ के दौरान खुद सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने मंच से सरकारी अमले और स्थानीय पुलिस पर अवैध शराब बेचने और बिकवाने का खुला व संगीन आरोप लगाया था। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी रायपुर के चप्पे-चप्पे में अधिकारियों की साठगांठ से अवैध शराब का धंधा संचालित होने का सार्वजनिक तौर पर बड़ा आरोप लगाया है। बैज ने कहा कि जब सरकार के अपने ही मंत्री और सांसद प्रशासनिक तंत्र पर भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हों, तो यह साफ हो जाता है कि राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है।
“सत्तारूढ़ दल के लोग मारपीट पर उतारू
प्रशासनिक शिथिलता के साथ-साथ दीपक बैज ने प्रदेश में बढ़ रहे राजनीतिक और सामाजिक अपराधों पर भी गहरी चिंता जताई। हाल ही में हुए प्रशासनिक विवादों का जिक्र करते हुए पीसीसी चीफ ने कहा कि राज्य में सिर्फ प्रशासनिक अराजकता ही नहीं हावी है, बल्कि सत्तारूढ़ दल के लोग अब कानून को अपने हाथ में लेकर खुलेआम मारपीट पर उतारू हो गए हैं। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि सत्ता के नशे में चूर विधायक सरेआम तहसीलदार जैसे जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी से मारपीट और बदसलूकी करते हैं, लेकिन राज्य की पुलिस इतनी लाचार और दबाव में है कि वह अब तक आरोपियों को गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई है। बैज ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इस प्रशासनिक अराजकता और बेलगाम अपराधों पर तुरंत लगाम नहीं कसी गई, तो कांग्रेस पार्टी जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरकर एक उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इस कड़े अल्टीमेटम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में (CG Political News) को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो गई हैं।




