सीजी भास्कर, 01 जून : छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) और सड़क कनेक्टिविटी (CG PWD Infrastructure Review) को एक नई व सुदृढ़ दिशा देने के लिए शासन ने अपनी कमर पूरी तरह से कस ली है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के नवनियुक्त सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज विभाग के सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और मैदानी कार्यपालन अभियंताओं की एक बेहद महत्वपूर्ण और मैराथन समीक्षा बैठक ली। नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में सचिव ने स्पष्ट और कड़े लहजे में निर्देश दिए हैं कि मार्च 2026 तक जितने भी कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है, उनकी निविदाएं (टेंडर्स) हर हाल में 30 जून तक आमंत्रित कर ली जाएं।
इसके साथ ही, आगामी 31 जुलाई तक सभी संबंधित ठेकेदारों को कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) अनिवार्य रूप से जारी हो जाने चाहिए, ताकि वर्षा ऋतु (मानसून) के ठीक समाप्त होते ही धरातल पर निर्माण कार्य पूरी रफ्तार के साथ शुरू किए जा सकें। सचिव के इस कड़े रुख और समय-सीमा के निर्धारण से विभाग में (CG PWD Infrastructure Review) को लेकर भारी प्रशासनिक कसावट देखने को मिल रही है।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. वास्तव सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागों और जिलों के कार्यपालन अभियंता सीधे जुड़े हुए थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभागीय कार्यों की गति को बढ़ाना, पारदर्शिता लाना और फाइलों के अटके रहने की पुरानी परंपरा को पूरी तरह से समाप्त करना था।
भारतमाला’ से जुड़ेंगी छत्तीसगढ़ की सड़कें
बैठक के दौरान सचिव मुकेश कुमार बंसल ने छत्तीसगढ़ राज्य के आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक बहुत ही दूरगामी और रणनीतिक निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छत्तीसगढ़ राज्य से गुजरने वाले केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘भारतमाला परियोजना’ की मुख्य एक्सप्रेस-वे सड़कों से राज्य की आंतरिक प्रमुख सड़कों को जोड़ने के लिए फोरलेन संपर्क सड़कों के निर्माण की एक वृहद कार्ययोजना तत्काल तैयार की जाए। इसका सीधा फायदा यह होगा कि भारतमाला नेशनल कॉरिडोर का पूरा लाभ छत्तीसगढ़ के स्थानीय उद्योगों, व्यापारियों और आम जनता को भी मिल सकेगा।
इसके साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रदेशभर की 36 ‘द्रुतगामी सड़कों’ (एक्सप्रेस कॉरिडोर) के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सामाजिक सरोकार पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ अंचलों में स्थित पहुंचविहीन गांवों, जहां आजादी के बाद से अब तक पक्की सड़कें नहीं बनी हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सड़कों और पुलों का जाल बिछाने की कार्ययोजना तैयार की जाए। सचिव ने चालू और पिछले वित्तीय वर्ष के बजट कार्यों की एक कंबाइंड ‘प्राथमिकता सूची’ तैयार कर आगामी 10 जून तक मुख्यालय भेजने और 31 जुलाई तक उनके विस्तृत प्राक्कलन (एस्टीमेट) जमा करने की डेडलाइन तय कर दी है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए कड़ा अल्टीमेटम
छत्तीसगढ़ के विकास में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर PWD सचिव ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए संचालित विशेष योजना यानी आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के अंतर्गत चल रहे सभी सड़क और पुल निर्माण कार्यों को हर हाल में 31 मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की मदद से काम को समय पर पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में निर्माण कार्यों की क्वालिटी (गुणवत्ता) पर सबसे ज्यादा फोकस रहा। श्री बंसल ने निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों के साथ एक बेहतर और सकारात्मक समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को साफ तौर पर चेतावनी दी कि कि डामरीकरण (रोड टारिंग) और पुलों के कंक्रीटिंग जैसे बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों के दौरान जिम्मेदार विभागीय अधिकारी केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि खुद फील्ड (मौके) पर मौजूद रहकर अपनी देखरेख में काम करवाएं।
उन्होंने काम में जानबूझकर ढिलाई बरतने, गुणवत्ता से समझौता करने या लेटलतीफी करने वाले दागी ठेकेदारों के खिलाफ नियमों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। प्रशासनिक कसावट के लिए उन्होंने सभी अधिकारियों को हर मंगलवार को अनिवार्य रूप से अपने ही परिक्षेत्रीय कार्यालय में मौजूद रहने का आदेश दिया है, ताकि आम जनता और जनप्रतिनिधियों से सीधे मुलाकात की जा सके।
डिजिटल गवर्नेंस और ‘ई-ऑफिस’ पर जोर
मुकेश कुमार बंसल ने विभाग को पूरी तरह से आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल गवर्नेंस पर विशेष जोर दिया। इस बैठक के तुरंत बाद सभी उपस्थित अभियंताओं को जिओ-टैगिंग (Geo-Tagging) और एसएनए (Single Nodal Agency) प्रणाली का ऑनलाइन प्रशिक्षण भी दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीओ (SDO) कार्यालय से लेकर प्रमुख अभियंता (CE) कार्यालय तक के सभी शासकीय कार्य अब अनिवार्य रूप से ‘ई-ऑफिस’ (E-Office) के माध्यम से ही संपादित किए जाएंगे, जिससे फाइलों के खोने या लेट होने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। साथ ही, ‘गति शक्ति पोर्टल’ पर सभी प्रगतिशील कार्यों का डेटा समय पर अपडेट करने को कहा गया है।
PWD सचिव द्वारा निर्धारित मुख्य टाइमलाइन (2026)
स्वीकृत कार्यों की निविदा (टेंडर) आमंत्रण 30 जून 2026 तक
कार्यादेश (Work Order) जारी करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक
बजट कार्यों की प्राथमिकता सूची जमा करना 10 जून 2026 तक
कार्यों के प्राक्कलन (Estimate) भेजने की तिथि 31 जुलाई 2026 तक
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों (RCPLWEA) के कार्य पूर्णता 31 मार्च 2027 तक
अनुविभागीय कार्यालयों का पुनर्गठन/स्थानांतरण जून 2026 के भीतर




