सीजी भास्कर, 28 मई : छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर (CG RERA Cyber Fraud Alert) और आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के लिए साइबर अपराधियों ने इस बार एक ऐसा खतरनाक रास्ता चुना है, जिसने शासन से लेकर पुलिस महकमे तक को हिलाकर रख दिया है। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) के हाई-प्रोफाइल नाम का इस्तेमाल करके मासूम आवंटियों और बड़े-बड़े प्रमोटरों को अपना शिकार बनाने का एक बहुत बड़ा खेल राज्य में शुरू हो चुका है। जैसे ही यह काला सच अथॉरिटी के बड़े अफसरों के सामने आया, वैसे ही राजधानी रायपुर से लेकर पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता और जनता के डूबते पैसों को देखते हुए सीजीरेरा ने एक बेहद आक्रामक जनहित अधिसूचना जारी की है, जिसने सीधे तौर पर कड़े कदम उठाने का एक बड़ा और निर्णायक बिगुल फूंक दिया है।
यह पूरा मामला केवल एक सामान्य ऑनलाइन फ्रॉड का नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक ऐसा शातिर गिरोह काम कर रहा है जो सीधे तौर पर सरकार की सबसे विश्वसनीय संस्था की साख को मिट्टी में मिलाने पर तुला हुआ है। प्रमोटरों और आम खरीदारों के बीच डर और भ्रम का माहौल पैदा करके ये ठग अब तक लाखों रुपये डकार चुके हैं। प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने और जनता को इस जाल से बचाने के लिए पुलिस के आला अफसरों के साथ एक गुप्त और रणनीतिक खाका तैयार किया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी कीमत पर इन डिजिटल डकैतों को बख्शा नहीं जाएगा और हर एक संदिग्ध नंबर को ट्रेस कर उनके ठिकाने नष्ट किए जाएंगे, जिससे कि इस नुकसान (CG RERA Cyber Fraud Alert) को रोका जा सके और जनता की गाढ़ी कमाई सुरक्षित रहे।
नकली ‘रेरा अफसर’ बनकर फोन पर उगाही
अथॉरिटी के संज्ञान में आए मामलों के मुताबिक, इस ठगी का तरीका इतना शातिर है कि कोई भी आम इंसान आसानी से इनके झांसे में आ जाए। ये अनधिकृत व्यक्ति खुद को सीजीरेरा का बड़ा अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों को सीधे फोन कॉल या वॉट्सऐप मैसेज कर रहे हैं। ठगों द्वारा आवंटियों और प्रमोटरों को डराया जाता है कि उनके प्रोजेक्ट या शिकायत की फाइल में बड़ी गड़बड़ी है, और यदि उन्होंने तुरंत बताई गई “पेनल्टी या फीस” जमा नहीं की, तो उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा या उन पर भारी जुर्माना ठोक दिया जाएगा। इस डर का फायदा उठाकर ये अपराधी लोगों से मोटी धनराशि की मांग कर रहे हैं। इस सोची-समझी साजिश को समय रहते नाकाम करने और व्यवस्था में बदलाव (CG RERA Cyber Fraud Alert) लाने के लिए अब खुद रेरा के चेयरमैन ने कमान संभाल ली है।
पर्दे के पीछे का सस्पेंस यह है कि इन ठगों के पास आवंटियों और प्रमोटरों का सटीक डेटा, उनके प्रोजेक्ट का नाम और फाइलों की गोपनीय जानकारी आखिर कहां से पहुंच रही है? क्या विभाग के भीतर का ही कोई व्यक्ति इस गिरोह से मिला हुआ है या फिर रेरा की वेबसाइट से डेटा हैक किया गया है? इस बड़े सवाल पर भी जांच एजेंसियां पैनी नजर बनाए हुए हैं। प्राधिकरण ने जनता को आगाह करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि ऐसे नकली कॉल करने वाले अपराधियों की बातों में आकर कोई भी कदम न उठाएं। यह पूरा खेल सिर्फ और सिर्फ आपकी जेब खाली करने के लिए रचा गया है, जिसे रोकना अब हर नागरिक की जिम्मेदारी है, जो कि अनुशासन का एक नया नियम (CG RERA Cyber Fraud Alert) और पैमाना बन चुका है।
व्यक्तिगत खातों में जा रहा है पैसा
जैसे-जैसे इस डिजिटल लूट की शिकायतें रायपुर मुख्यालय पहुंचने लगीं, वैसे ही सीजीरेरा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने का मन बना लिया। प्राधिकरण ने अपनी गाइडलाइन में पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि रेरा द्वारा किसी भी प्रकार की शासकीय राशि, रजिस्ट्रेशन फीस या जुर्माना कभी भी किसी व्यक्तिगत बैंक खाते, किसी कर्मचारी के निजी मोबाइल नंबर, पर्सनल यूपीआई (UPI) आईडी या अन्य किसी भी तरह के निजी माध्यमों से जमा कराने के निर्देश कतई नहीं दिए जाते। अगर कोई व्यक्ति फोन पर आपसे यह कहता है कि वह रेरा का स्टाफ है और इस क्यूआर कोड पर पैसे भेज दो, तो समझ जाइए कि आप एक बड़े जालसाज के हत्थे चढ़ चुके हैं। यह कड़ा स्पष्टीकरण सीधे तौर पर जनता की जागरूकता को बढ़ाने और इस अभियान की गति (CG RERA Cyber Fraud Alert) को तेज करने के लिए जारी किया गया है।
अधिकारियों ने आम जनता को प्रक्रिया समझाते हुए कहा कि प्राधिकरण से संबंधित जितने भी वैध और कानूनी भुगतान होते हैं, वे केवल और केवल सीजीरेरा की अधिकृत वेबसाइट पर मौजूद निर्धारित सरकारी गेटवे और आधिकारिक माध्यमों से ही स्वीकार किए जाते हैं। इसके अलावा नगद लेनदेन या किसी अन्य खाते में पैसे ट्रांसफर करने का कोई प्रावधान ही नहीं है। प्राधिकरण ने प्रमोटरों और आवंटियों को कड़े लहजे में कहा है कि वे अपनी फाइलों के निपटारे के लिए किसी भी शॉर्टकट का सहारा न लें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको जीवनभर की कमाई से हाथ धोने पर मजबूर कर सकती है। यह विषय रेरा के प्राथमिकता शामिल (CG RERA Cyber Fraud Alert) एजेंडे में सबसे ऊपर रखा गया है।
अपनी बैंकिंग डिटेल और ओटीपी छुपाकर रखें
इस डिजिटल युग में आपकी जरा सी सुस्ती आपको मुसीबत में ला सकती है। इसी संवेदनशील पहलू को रेखांकित करते हुए प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ के समस्त नागरिकों, रियल एस्टेट कारोबारियों और मकान खरीदारों से यह अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश को हल्के में न लें। अगर कोई व्यक्ति फोन पर खुद को बड़ा अधिकारी भी बता दे, तब भी अपनी गुप्त बैंकिंग जानकारी, एटीएम कार्ड का नंबर, नेट बैंकिंग का पासवर्ड या मोबाइल पर आने वाला वन टाइम पासवर्ड (OTP) किसी भी सूरत में किसी के साथ साझा न करें। ठग अक्सर खुद को सरकारी अमला बताकर बातों ही बातों में ओटीपी पूछ लेते हैं और पलक झपकते ही पूरा बैंक खाता साफ कर देते हैं। विभाग अपने इस जागरूकता प्रयास (CG RERA Cyber Fraud Alert) को समय-सीमा के भीतर अमलीजामा पहनाना चाहता है।
रेरा ने यह भी साफ किया है कि कोई भी बैंक या सरकारी संस्थान कभी भी फोन पर आपसे गोपनीय पासवर्ड या ओटीपी की मांग नहीं करता। यदि कोई ऐसा कर रहा है, तो वह शत-प्रतिशत अपराधी है। जनता को अपनी सोच और सतर्कता को मजबूत करना होगा। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करना या किसी के कहने पर कोई अनधिकृत ऐप डाउनलोड करना आपके पूरे फोन का कंट्रोल हैकर्स के हाथ में सौंप सकता है। इसलिए, जब तक आप खुद जागरूक नहीं होंगे, तब तक कोई भी गाइडलाइन आपको पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख सकती। सुरक्षा के इन नियमों का कड़ाई से पालन करना ही इस ठगी को रोकने का अचूक हथियार है, जिससे आपकी मेहनत की बचत (CG RERA Cyber Fraud Alert) सुरक्षित रहे और पाई-पाई का नुकसान न हो।
डरे नहीं बल्कि अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजें
अब सबसे बड़ा सस्पेंस और चुनौती यह है कि जिन लोगों के पास ऐसे फ्रॉड कॉल आ रहे हैं, वे लोकलाज या डर के मारे पुलिस तक नहीं पहुंच रहे हैं। सीजीरेरा ने इस डर को खत्म करते हुए साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, रंगदारी या साइबर ठगी के प्रयास की जानकारी मिलते ही पीड़ित व्यक्ति को बिना एक सेकंड गंवाए तत्काल अपने नजदीकी साइबर सेल या निकटतम पुलिस थाने में जाकर इसकी लिखित शिकायत दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी आप पुलिस को सूचित करेंगे, ठगों के बैंक खातों को फ्रीज करने और आपके डूबे हुए पैसों को वापस रिकवर करने की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाएगी।
प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ की जनता से केवल और केवल रेरा के आधिकारिक माध्यमों, प्रमाणित वेबसाइट और राजपत्रित सूचनाओं पर ही भरोसा करने की पुरजोर अपील की है। देखना दिलचस्प होगा कि रेरा की इस आक्रामक चेतावनी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ का यह रियल एस्टेट सेक्टर इन शातिर साइबर अपराधियों के चंगुल से खुद को कितना मुक्त करा पाता है। बहरहाल, सरकार की इस आवश्यक सूचना ने यह तो साफ कर दिया है कि अब जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वालों की खैर नहीं है। आने वाले दिनों में देखना होगा कि सजगता की यह नई मशाल और सुरक्षात्मक बदलाव (CG RERA Cyber Fraud Alert) की यह नई लहर छत्तीसगढ़ के आवंटियों और प्रमोटरों के अधिकारों तथा पैसों की रक्षा करने में कितनी कारगर साबित होती है।




