सीजी भास्कर, 11 दिसंबर। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आरक्षण मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अंतिम चरण में है (CG Reservation News)। कोर्ट जल्द यह तय करेगा कि सरकारी नौकरियों में 50% से अधिक आरक्षण देना संवैधानिक है या नहीं (CG Reservation News)। यदि सुप्रीम कोर्ट 50% की सीमा को बरकरार रखता है, तो छत्तीसगढ़ में 260 से अधिक पदों पर भर्ती प्रभावित हो सकती है और कई नियुक्तियों को रोकना पड़ सकता है।
CG Reservation News कैसे शुरू हुआ विवाद
छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2012 में आरक्षण 50% से बढ़ाकर 58% कर दिया था। 19 सितंबर 2022 को हाई कोर्ट ने इस कानून को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि 50% की सीमा से अधिक आरक्षण मान्य नहीं है (CG Reservation News)। इसके बाद 1 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने सीमित राहत दी कि हाई कोर्ट के फैसले से पहले शुरू हुई भर्तियां पूरी की जा सकती हैं, लेकिन यह राहत नई भर्तियों पर लागू नहीं होगी।
सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी कई एजेंसियों ने फैसले को गलत तरीके से समझकर 1 मई 2023 के बाद निकली भर्तियों में भी 58% आरक्षण लागू कर दिया। बाद में RTI के जवाब में हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 2023 के बाद केवल 50% आरक्षण ही मान्य है, 58% नहीं।
क्या है 58% आरक्षण का फॉर्मूला
पहले छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरियों में 50% आरक्षण था
SC : 16%
ST : 20%
OBC : 14%
2012 में इसे बदलकर ऐसे किया गया
SC : 12%
ST : 32%
OBC : 14%
कुल = 58%, जो विवाद का मुख्य कारण बना।
किन भर्तियों पर सबसे ज्यादा असर
1 मई 2023 के बाद कई विभागों ने 58% आरक्षण लागू करके नई भर्तियां निकालीं—
स्वास्थ्य विभाग : 12 पद (वार्ड बॉय)
आबकारी विभाग : 200 पद (आरक्षक)
जल संसाधन विभाग : 50 पद (अमीन)
इसके अलावा कई चयन बोर्डों ने भी इसी रोस्टर पर रिजल्ट जारी कर दिए। अगर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय कठोर आया, तो इन नियुक्तियों को रद्द करना पड़ सकता है (CG Reservation News), जिससे हजारों अभ्यर्थियों पर सीधा असर पड़ेगा।





