राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर CGPSC की प्रारंभिक परीक्षा दो सत्रों में कराई गई। सुबह की पाली 10 से 12 बजे और दूसरी पाली 3 से 5 बजे तक चली। केंद्रों के बाहर सामान्य गहमागहमी दिखी, मगर भीड़ पिछले वर्षों की तुलना में कम नजर आई—यही वजह है कि CGPSC Prelims Raipur को लेकर उपस्थिति के आंकड़े चर्चा में रहे।
आवेदन ज्यादा, उपस्थिति अपेक्षा से कम
कई केंद्रों पर पर्यवेक्षकों का कहना है कि पंजीकरण की तुलना में हॉल में पहुंचने वाले अभ्यर्थियों की संख्या कम रही। कुछ उम्मीदवार अंतिम समय में नहीं पहुंचे, तो कुछ केंद्रों पर सीटें खाली दिखीं। यह ट्रेंड CGPSC Attendance Low की ओर इशारा करता है, जिसका सीधा असर मेरिट ट्रेंड पर पड़ सकता है।
GS और CSAT का स्तर संतुलित, करंट अफेयर्स पर जोर
परीक्षार्थियों और विषय विशेषज्ञों के मुताबिक सामान्य अध्ययन में समसामयिक घटनाएं, राज्य-विशेष के मुद्दे और बुनियादी अवधारणाएं संतुलन के साथ पूछी गईं। CSAT को भी न तो बहुत कठिन कहा गया, न बेहद आसान—यही वजह है कि CGPSC Paper Analysis में पेपर को “मॉडरेट” कैटेगरी में रखा जा रहा है।
कम उपस्थिति से Cut-Off में हल्की नरमी की संभावना
शिक्षाविदों का मानना है कि यदि पेपर का स्तर स्थिर रहा और उपस्थिति वाकई कम रही, तो Cut-Off में मामूली गिरावट देखी जा सकती है। हालांकि अंतिम तस्वीर आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी। मौजूदा ट्रेंड के आधार पर CGPSC Cut Off Prediction में “स्लाइट डिप” की बात कही जा रही है।
अब नज़रें आंसर-की और रिज़ल्ट पर
प्रीलिम्स के बाद अभ्यर्थियों की निगाहें आधिकारिक आंसर-की पर टिकी हैं। आंसर-की जारी होने के बाद आपत्तियों की प्रक्रिया और फिर परिणाम सामने आएगा। सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई करेंगे—यानी अगला पड़ाव तैयारी का और कड़ा राउंड।






