सीजी भास्कर, 3 दिसंबर। बिलासपुर जिले में किसानों के विकास और तकनीकी सशक्तिकरण (Chhattisgarh Agriculture) को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिनमें एकीकृत खेती प्रणाली, मूल्य संवर्धन, संसाधन संरक्षण, बागवानी को बढ़ावा और कृषि यांत्रिकीकरण जैसे कदम शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, फसल की पैदावार में सुधार करना और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना है।
छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद से बिलासपुर जिले में किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं ने नए आयाम स्थापित किए हैं। वर्ष 2000 से 2025 के बीच कृषि, सिंचाई, फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं ने किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
(Chhattisgarh Farmers Scheme) फसल बीमा में जागरूकता और लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 2025 में किसानों की संख्या, ऋणी और अऋणी आवेदन तथा बीमित राशि में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। खरीफ और रबी दोनों सीजन में पंजीकरण बढ़ा और बीमित राशि में सुधार हुआ, जिससे किसानों में योजना के प्रति विश्वास और जागरूकता मजबूत हुई। इस पहल से किसानों की फसल सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रगति
वर्ष 2019 में 99,682 किसानों का पंजीकरण था, जो अब 2025 में बढ़कर 1,55,366 हो गया है। अब तक 1,02,353 किसानों को 20वीं किस्त का लाभ मिला और कुल 2,047.06 लाख रुपये वितरित किए गए, जिससे किसानों की आय में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
महिला किसानों का तकनीकी सशक्तिकरण
महिला किसानों को ड्रोन संचालन और आधुनिक फसल छिड़काव तकनीक का प्रशिक्षण देकर उन्हें खेतों में तकनीकी दक्षता प्राप्त कराने का अवसर दिया गया। इससे उत्पादन में सुधार हुआ और आधुनिक तकनीक का लाभ सीधे खेतों तक पहुँचा।
फसल उत्पादन और सिंचाई में विस्तार
किसानों की आय में वृद्धि और दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएम अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा योजना) अंतर्गत समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। दलहन, तिलहन, सब्जी और अन्य फसलों के रकबे में 12 प्रतिशत से 62 प्रतिशत तक वृद्धि हुई। नहर, तालाब, कुएँ, नलकूप और नदी नालों के माध्यम से सिंचित क्षेत्र में 27 प्रतिशत से 47 प्रतिशत तक विस्तार हुआ। इससे खरीफ और रबी दोनों मौसमों में बेहतर उत्पादन और आय के अवसर सुनिश्चित हुए।
छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष में कृषि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी प्रशिक्षण और किसानों की सक्रिय भागीदारी बिलासपुर जिले को कृषि विकास के मार्ग पर मजबूती से आगे ले जा रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बना रही है।





