Chhattisgarh Assembly Budget Session : छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सड़कों और पुल-पुलियों की स्थिति का मुद्दा जोर-शोर से उठा। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक Vikram Usendi ने कांकेर जिले में कई पुल-पुलियों के जर्जर होने का मामला सदन में रखा। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर पुलियां संकरी हो चुकी हैं, रेलिंग भी नहीं है और कई हिस्सों में संरचना क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ऐसे में स्थानीय लोगों को आवाजाही के दौरान लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण में देरी पर सरकार ने दी सफाई
मामले पर जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री Arun Sao ने कहा कि कांकेर से भानुप्रतापपुर और पखांजूर की ओर जाने वाला मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। विभाग की योजना के तहत कई पुल-पुलियों का निर्माण और मरम्मत प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि कुल 134 पुल-पुलियों में से 114 पर काम पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ निर्माण कार्य अनुबंधक के बीच में काम छोड़कर चले जाने की वजह से अधूरा रह गया। सरकार का कहना है कि Kanker Bridge Repair Issue को प्राथमिकता में रखते हुए जल्द समाधान की कोशिश की जा रही है।
दुर्घटनाओं को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल
सदन में चर्चा के दौरान विधायक Umesh Patel ने यह सवाल उठाया कि क्या इन जर्जर पुल-पुलियों की वजह से दुर्घटनाएं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित सड़क पर कई हादसे दर्ज किए गए हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि विभाग के रिकॉर्ड में ऐसी घटनाओं की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए विभाग लगातार निगरानी और सुधार के प्रयास कर रहा है। यह मुद्दा सदन में Bridge Safety Concern के रूप में भी चर्चा का विषय बना रहा।
ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की उठी मांग
सदन की कार्यवाही के दौरान आसंदी की ओर से यह भी कहा गया कि जो ठेकेदार निर्धारित समय में काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि जिन पुल-पुलियों का काम अधूरा है, उन्हें जल्द पूरा कराया जाएगा और आवश्यक स्वीकृतियां प्रक्रिया में हैं। इस पूरे मामले में Contractor Blacklisting की चर्चा भी प्रमुख रूप से सामने आई।





