सीजी भास्कर 24 फ़रवरी राज्य गठन के बाद से छत्तीसगढ़ के बजट में ऐतिहासिक छलांग देखने को मिली है। वर्ष 2000 में जहां कुल बजट महज 5 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सरकार के अनुसार यह (Chhattisgarh Budget Growth) केवल आंकड़ों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि विकास की दिशा में बदली हुई रफ्तार का संकेत है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संतुलित विजन और दीर्घकालिक सोच के साथ प्रदेश विकास की सतत यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार (Chhattisgarh Budget Growth) का सीधा मतलब है कि अब योजनाओं का दायरा गांव से लेकर शहर तक तेजी से फैलाया जा रहा है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा पेश किए गए बजट को ‘SANKALP’ थीम पर तैयार किया गया है। इससे पहले GYAN और GATI के जरिए सामाजिक वर्गों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया गया था। अब (Chhattisgarh Budget Growth) के साथ सरकार ने समावेशी विकास, निवेश और रोजगार सृजन को एक साथ साधने का दावा किया है।
इस बार के बजट में बस्तर और सरगुजा अंचल के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़े कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी, इंद्रावती में बैराज निर्माण और मेडिकल कॉलेज संचालन जैसी घोषणाएं (Chhattisgarh Budget Growth) के तहत क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने की कोशिश मानी जा रही हैं।
राजधानी में अंडरग्राउंड बिजली लाइन, खाद लैब निर्माण और मेट्रो रेल के सर्वे जैसे प्रस्ताव शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि (Chhattisgarh Budget Growth) का असर सीधे तौर पर ट्रांसपोर्ट, बिजली और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में दिखेगा।
नर्सिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज इंटर्न हॉस्टल, एडवांस कार्डियाक इंस्टीट्यूट और एनएचएम के लिए बड़े बजटीय प्रावधान किए गए हैं। वहीं लाइब्रेरी, नालंदा परिसरों और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी घोषणाएं बताती हैं कि (Chhattisgarh Budget Growth) में मानव संसाधन पर खास ध्यान दिया गया है।
बजट पेश होने के बाद विपक्ष ने घोषणाओं के अमल पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि (Chhattisgarh Budget Growth) तभी सार्थक मानी जाएगी जब योजनाएं समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतरें और आम लोगों को सीधा फायदा मिले।






