सीजी भास्कर 23 फ़रवरी राजधानी रायपुर में बजट पेश होने से ठीक एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत अगले दिन बजट पेश करना संसदीय परंपराओं की गंभीरता को कम करता है। विपक्ष का दावा है कि यह जल्दबाज़ी सरकार की तैयारी पर सवाल खड़े करती है—इसी पृष्ठभूमि में (Chhattisgarh Budget Reaction) चर्चा में आया।
“गरिमा घटती है”, सरकार पर तैयारी न होने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभिभाषण के अगले ही दिन बजट लाना प्रतीकात्मकता को कमजोर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के पास ठोस उपलब्धियों की सूची नहीं है, इसलिए बजट से जनता को इस बार भी खास उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। विपक्ष इसे (CG Budget 2026) को लेकर बढ़ती राजनीतिक बहस का संकेत मान रहा है।
राष्ट्रीय मुद्दों पर भी टिप्पणी
शैक्षणिक संस्थानों में सामने आए विवादों और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े बयानों का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मुद्दों पर स्पष्ट रुख की जरूरत होती है, ताकि प्रशासनिक संदेश भटके नहीं। इस बयान को (Political Statements India) के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां क्षेत्रीय राजनीति राष्ट्रीय विमर्श से जुड़ती दिखी।
होली पर शराब दुकानों को लेकर तंज
त्योहार के दिन शराब दुकानों के संचालन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक संवेदनशीलता के बिना लिए गए फैसले सरकार की छवि पर असर डालते हैं। विपक्ष का दावा है कि ऐसे फैसले आम भावना से टकराते हैं—यह बहस (Festival Policy Debate) के तहत फिर उभर आई है।
राज्यसभा नामांकन पर हाईकमान का फैसला
राज्यसभा नामांकन को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान का होगा और संगठनात्मक संतुलन के साथ नाम तय किए जाएंगे। कांग्रेस खेमे में इसे (Rajya Sabha Nomination) की प्रक्रिया के सामान्य हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।






