Chhattisgarh Cold Wave : छत्तीसगढ़ के उत्तरी और मध्य हिस्सों में शीतलहर ने रफ्तार पकड़ ली है। सरगुजा संभाग के पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जिससे ठंड का असर अब साफ दिखने लगा है।
मैनपाट में ओस जमी, खेतों पर दिखी बर्फ की परत
मैनपाट में सुबह के समय ओस की बूंदें जमकर बर्फ में तब्दील हो गईं। मैदान, पत्तियां और घास सफेद चादर में ढंके नजर आए। सामरीपाट और सोनहत में भी पाले की स्थिति दर्ज की गई, जिससे किसान और ग्रामीण सतर्क हो गए हैं।
पेंड्रा-अमरकंटक में सबसे सर्द सुबह
शनिवार इस सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है। पेंड्रा और अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया। मौसम जानकारों के मुताबिक 31 दिसंबर तक ठंड का असर बना रह सकता है, हालांकि अगले कुछ दिनों में हल्की राहत की संभावना जताई जा रही है।
बच्चों पर ठंड का सीधा असर
ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी तेजी से सामने आ रहा है। बीते एक महीने में अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात और सिजेरियन डिलीवरी से जन्मे शिशुओं में ठंड का खतरा ज्यादा रहता है।
NICU तक पहुंच रहे गंभीर मामले
पर्याप्त देखभाल न होने पर कई बच्चों को एनआईसीयू और एसएनसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है। ठंड के चलते शरीर का तापमान तेजी से गिरता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
OPD में बढ़ी सर्दी-खांसी और वायरल
मौसम बदलने के साथ अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। कई इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।
मलेरिया का भी बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि दिन और रात के तापमान में अंतर मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल होता है। ऐसे में मलेरिया और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। मच्छरदानी का उपयोग और पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता अपील
स्वास्थ्य विभाग ने सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भाप लेना, नमक-पानी से गरारे, विटामिन-सी युक्त आहार और अदरक-तुलसी की चाय को लाभकारी बताया गया है।


