रायपुर। Chhattisgarh Cold Wave Alert के बीच प्रदेश में ठंड ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हिमालय से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ के मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिससे आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।
सरगुजा संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित
प्रदेश के सरगुजा संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज इलाके में रात का तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। खुले खेतों, पैरावट और घास पर ओस जमकर बर्फ की परत में बदल गई, जिससे सुबह के समय जमीन पूरी तरह सफेद नजर आई।
अगले 48 घंटे और चुनौतीपूर्ण
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दो दिनों में उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में तापमान और नीचे जा सकता है। बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुर्ग में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। ठंड की इस लहर ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है।
पश्चिमी विक्षोभ बना वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय जेट स्ट्रीम के चलते उत्तर भारत की ठंडी हवाएं तेजी से मध्य भारत तक पहुंच रही हैं। इसी वजह से रात के तापमान में तेज गिरावट देखी जा रही है और कई इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है।
जनजीवन पर साफ असर
ठंड का असर अब आम लोगों की दिनचर्या में साफ दिखाई दे रहा है। सरगुजा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह घना कोहरा छा रहा है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है। कई ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। हालात को देखते हुए सरगुजा संभाग के चार जिलों में प्राइमरी स्कूल 10 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं, वहीं दो पालियों में चलने वाले स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने शीतलहर को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखें। डॉक्टरों के मुताबिक ठंड के कारण हाइपोथर्मिया, सर्दी-खांसी और वायरल फीवर के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, ऐसे में सतर्कता बेहद जरूरी है।


