सीजी भास्कर, 22 जनवरी। हजारों किलोमीटर दूर यूरोप की धरती पर जब छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति के रंग बिखरे, तो यह सिर्फ एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की पहचान को वैश्विक मंच तक पहुँचाने का क्षण बन गया। आयरलैंड की राजधानी में हुए इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की कला और परंपराएँ सीमाओं से परे अपनी जगह बना रही हैं।
आयोजन आयरलैंड के डबलिन शहर में स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के तहत भारतीय दूतावास द्वारा किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय परंपराओं (Chhattisgarh culture Ireland) को केंद्र में रखा गया। कार्यक्रम में आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ-साथ स्थानीय दर्शकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, उसकी जनजातीय पहचान और परंपरागत जीवनशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की विविधता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से प्रस्तुत करते हैं और सांस्कृतिक संवाद को नई दिशा देते हैं।
आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर आधारित विशेष प्रस्तुति के माध्यम से राज्य की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी ने दर्शकों का खास ध्यान खींचा, जहां कारीगरों की बारीक कारीगरी और पारंपरिक डिज़ाइन की सराहना की गई।
लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को जीवंत कर (Chhattisgarh culture Ireland) दिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों की प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को आयरलैंड की धरती तक पहुँचा दिया, जिसे दर्शकों ने तालियों के साथ सराहा।
कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिससे उपस्थित अतिथियों को राज्य की समृद्ध पाक-परंपरा से भी परिचय मिला। कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभरा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डबलिन में आयोजित इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कला, संस्कृति और लोकपरंपराएँ अब वैश्विक दर्शकों तक पहुँच रही हैं, जो राज्य के कलाकारों और कारीगरों के लिए प्रेरणादायी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा आयोजित यह आयोजन “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त (Chhattisgarh culture Ireland) रूप से दर्शाता है। उन्होंने आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश में इसी तरह मंच मिलता रहेगा और राज्य की विशिष्ट पहचान विश्व पटल पर और अधिक मजबूत होगी।




