सीजी भास्कर, 07 मई : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में लंबे समय से बनी हुई पेयजल समस्या (Chhattisgarh Drinking Water News) के समाधान के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में कुल 113 हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई कराई जाएगी। इस फैसले से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्षों से ग्रामीणों को पेयजल के लिए नदी, झरने और पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब शासन की इस पहल से पीने का पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने की दिशा में तेजी से काम शुरू हो गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में सरगुजा जिले में पेयजल संकट (Chhattisgarh Drinking Water News) को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष अजीत वसंत ने संबंधित विभागों की बैठक लेकर एक माह के भीतर सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी स्थलों का सर्वे पहले ही पूरा कर लिया गया है। जिले के विभिन्न विकासखण्डों में डीएमएफ मद से हैंडपंप एवं बोरवेल खनन का कार्य कराया जाएगा। लुण्ड्रा विकासखण्ड में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में 04 स्थानों पर पेयजल सुविधा विकसित की जाएगी। इससे दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को पीने का पानी से राहत मिलेगी और महिलाओं एवं बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।
24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित अन्य सदस्यों की सहमति से इस कार्य को स्वीकृति दी गई थी। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से प्रक्रिया शुरू की गई। कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया है कि प्राथमिकता के आधार पर तेजी से कार्य पूर्ण कराया जाए ताकि आने वाले गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।
सरकार की इस संवेदनशील पहल को सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रहे सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों को अब स्थायी पेयजल सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।


