Chhattisgarh Encounter (छत्तीसगढ़ एनकाउंटर) में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 40-40 लाख के इनामी दो हार्डकोर नक्सलियों को ढेर कर दिया। मारे गए नक्सलियों की पहचान राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई है।
दिनभर चली गोलीबारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 22 सितंबर की सुबह नक्सल मूवमेंट की सूचना मिली थी। इसके बाद फोर्स ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में दिनभर रुक-रुक कर गोलीबारी चलती रही। अंततः इस Chhattisgarh Encounter (नारायणपुर मुठभेड़) में संगठन के दो टॉप कमांडर मारे गए।
बरामद हुए हथियार और विस्फोटक
मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल, एक इंसास राइफल, एक BGL लॉन्चर, भारी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली साहित्य जब्त किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन संगठन के लिए बड़ा झटका साबित होगा। दोनों मारे गए नक्सली करीब तीन दशकों से सक्रिय थे और दंडकारण्य क्षेत्र में कई बड़ी वारदातों के मास्टरमाइंड रहे हैं।
नक्सलियों को आत्मसमर्पण की अपील
बस्तर रेंज के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस Chhattisgarh Encounter (छत्तीसगढ़ नक्सली ऑपरेशन) के बाद संगठन को गहरी चोट पहुंची है। उन्होंने कैडरों से हिंसा छोड़कर सरकार की समर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की। उनका कहना है कि अब सुरक्षा बलों की रणनीति अंतिम दौर में है और नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य है।
हाल ही में कई बड़ी सफलता
सिर्फ नारायणपुर ही नहीं, बल्कि बीजापुर, गरियाबंद और गढ़चिरौली में भी सुरक्षाबलों ने हाल में कई नक्सलियों को ढेर किया है। 18 सितंबर को बीजापुर और गढ़चिरौली में कुल 4 नक्सली मारे गए थे। वहीं 11 सितंबर को गरियाबंद जिले में 10 नक्सलियों का खात्मा हुआ था, जिनमें डेढ़ करोड़ का इनामी मोडेम बालकृष्ण भी शामिल था।





