सीजी भास्कर, 13 जनवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल की याचिका को सुनवाई (Chhattisgarh High Court) के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने पूछा है कि उन्हें स्काउट गाइड जंबूरी अध्यक्ष के पद से कैसे और किस आधार पर हटाया गया। इस मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अगली और अंतिम सुनवाई 12 फरवरी 2026 को होगी।
विवाद की वजह
स्कूल शिक्षा विभाग ने 13 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ का राज्य अध्यक्ष नियुक्त किया। यह आदेश विवाद का मुख्य कारण बना, क्योंकि इससे पहले बृजमोहन अग्रवाल जब शिक्षा मंत्री थे, तब उन्हें पदेन राज्य अध्यक्ष बनाया गया था।
बृजमोहन अग्रवाल की याचिका
सांसद बृजमोहन अग्रवाल (Chhattisgarh High Court) ने सीनियर एडवोकेट किशोर भादुड़ी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने कहा कि वे स्काउट गाइड जंबूरी अध्यक्ष पद पर लगातार काम कर रहे हैं, बावजूद इसके बिना जानकारी उन्हें आयोजन और स्थान परिवर्तन के बारे में सूचित किए बिना हटाने का प्रस्ताव लाया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताया है।
याचिका में यह भी कहा गया कि उन्होंने 5 जनवरी 2026 को सांसद और परिषद के वैधानिक अध्यक्ष के रूप में जंबूरी की बैठक ली थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि अध्यक्ष पद से हटाने के लिए न कोई सूचना दी गई और न ही सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया।
हाईकोर्ट में सुनवाई
मंगलवार को यह मामला जस्टिस एनके व्यास की बेंच में सुना गया। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क प्रस्तुत किया। इसके बाद कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा कि पदेन अध्यक्ष को किस आधार पर हटाया गया। हाईकोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर लिखित जवाब मांगा है। इस मामले की अगली और अंतिम सुनवाई 12 फरवरी 2026 को होगी।




