रायपुर, 26 अगस्त : छत्तीसगढ़ के हॉकी खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (Chhattisgarh Hockey League) का पहला सत्र 21 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। 1 नवंबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 108 खिलाड़ियों को छह टीमों में खेलने का मौका मिलेगा। खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभवी हॉकी खिलाड़ियों के साथ खेलने और खेल की बारीकियां सीखने का अवसर मिलेगा।
400 खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (Chhattisgarh Hockey League) के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया में करीब 400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 108 खिलाड़ियों को छह फ्रेंचाइजी टीमों में शामिल किया जाएगा। लीग शुरू होने से पहले खिलाड़ियों के लिए नौ दिन का विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा।
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छह टीमों में दिखेगा प्रदेश का हॉकी टैलेंट
इस प्रतियोगिता में राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस नाम की छह टीमें हिस्सा लेंगी। इन टीमों के जरिए रायपुर, बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर और सरगुजा समेत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा।
ओलिंपिक पदक विजेताओं के साथ खेलेंगे खिलाड़ी
लीग में स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा। आयोजकों के अनुसार ओलिंपिक पदक विजेता गुरजंत सिंह, शमशेर सिंह और सुरेंदर कुमार सहित भारतीय हॉकी से जुड़े कई खिलाड़ी प्रतियोगिता का हिस्सा होंगे। जसकरण सिंह और देविंदर वाल्मीकि के नाम भी घोषित किए गए हैं।
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रायपुर के इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में होंगे मुकाबले
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (Chhattisgarh Hockey League) के सभी मुकाबले रायपुर स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता को हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त राज्य-संचालित पेशेवर हॉकी लीग के तौर पर आयोजित करने की तैयारी है।
स्थानीय खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच
लीग का सबसे बड़ा फायदा प्रदेश के स्थानीय खिलाड़ियों को मिलने की उम्मीद है। 108 खिलाड़ियों को पेशेवर माहौल में खेलने, कड़े मुकाबलों का अनुभव लेने और अनुभवी खिलाड़ियों से सीखने का अवसर मिलेगा। नियमित रूप से ऐसी प्रतियोगिताएं होने से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट और चयन शिविरों तक पहुंचने का रास्ता भी मजबूत हो सकता है।




