सीजी भास्कर, 16 मार्च। छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने की मंजूरी (Chhattisgarh IPS Deputation) मिल गई है। उन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF में डीआईजी पद पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए राज्य शासन को उन्हें तत्काल रिलीव कर नई पदस्थापना पर भेजने को कहा है। संतोष सिंह इस समय पुलिस मुख्यालय में डीआईजी सीसीटीएनएस और एससीआरबी के पद पर कार्यरत हैं। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर उनका जाना छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे की चर्चित प्रशासनिक हलचलों में शामिल माना जा रहा है।
संतोष सिंह का नाम छत्तीसगढ़ में लंबे समय से सक्रिय और परिणामोन्मुख पुलिस अधिकारियों में लिया जाता रहा है। वे अलग-अलग जिलों में कानून-व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग और विशेष अभियानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। नशे के खिलाफ चलाए गए उनके ‘निजात’ अभियान को खास पहचान मिली थी। इसी अभियान के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी मिल चुका है। उनके कामकाज की शैली को जमीनी हस्तक्षेप, जनसंपर्क और अभियान आधारित पुलिसिंग से जोड़कर देखा जाता है, यही वजह है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल देश की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों में से एक है, जिसकी जिम्मेदारी केवल औद्योगिक इकाइयों तक सीमित नहीं है। यह बल एयरपोर्ट, मेट्रो नेटवर्क, रणनीतिक प्रतिष्ठानों और कई अहम सरकारी परिसरों की सुरक्षा (Chhattisgarh IPS Deputation) में तैनात है। हाल के वर्षों में इसकी भूमिका लगातार बढ़ी है और राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था में CISF की मौजूदगी और मजबूत हुई है। मार्च 2026 में आयोजित 57वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि देश के प्रमुख बंदरगाहों की सुरक्षा का दायरा भी CISF के हवाले किया जा रहा है, जिससे बल की जिम्मेदारी और व्यापक होती दिख रही है।
संतोष सिंह के करियर की बात करें तो वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से आते हैं और उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत मानी जाती है। उन्होंने राजनीति शास्त्र में उच्च शिक्षा हासिल की, विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और बाद में शोध कार्य भी किया। पुलिस सेवा में आने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एसपी और एसएसपी के रूप में सेवाएं दीं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उनकी तैनाती के दौरान अभियानों, आत्मसमर्पण और सामुदायिक पुलिसिंग से जुड़े कामों की भी चर्चा रही है। जनवरी 2025 में उनका प्रमोशन डीआईजी पद पर हुआ था, जिसके बाद वे पुलिस मुख्यालय में अहम जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
महासमुंद, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, नारायणपुर और कोंडागांव समेत कई जिलों में काम करते हुए संतोष सिंह ने अलग-अलग तरह की पुलिसिंग मॉडल पर काम किया। बाल हितैषी पुलिसिंग, महिला सुरक्षा, नशा मुक्ति जागरूकता और जनभागीदारी वाले अभियानों में उनकी सक्रिय भूमिका बताई जाती है। ‘निजात’ अभियान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली, जबकि रायगढ़ और महासमुंद में उनके कार्यकाल से जुड़े कई अभियान पुरस्कारों और रिकॉर्ड के कारण भी चर्चा में रहे।
CISF की मौजूदा भूमिका को देखें तो यह बल देश के 70 हवाई अड्डों सहित 361 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा (Chhattisgarh IPS Deputation) कर रहा है। इसके अलावा संसद भवन और दूसरे संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा में भी इसकी अहम भूमिका है। यही वजह है कि इस बल में डीआईजी स्तर की जिम्मेदारी को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
छत्तीसगढ़ से केंद्र में जा रहे संतोष सिंह की यह नियुक्ति न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अहम है, बल्कि इसे राज्य कैडर के एक सक्रिय अधिकारी को राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में बड़ी भूमिका मिलने के रूप में भी देखा जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें औपचारिक रूप से कब रिलीव किया जाता है और CISF में वे कब नई जिम्मेदारी संभालते हैं।






