सीजी भास्कर, 8 दिसंबर। सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की मीटिंग के बाद इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन और सुपरिटेंडेंट ऑफ स्टैंप्स, छत्तीसगढ़, रायपुर ने नई रिवाइज्ड गाइडलाइंस (Chhattisgarh Land Guideline) जारी की हैं। इन गाइडलाइंस में 6 बड़े बदलाव किए गए हैं। डिस्ट्रिक्ट वैल्यूएशन कमेटियों को 31 दिसंबर 2025 तक नए प्रपोजल सबमिट करने का निर्देश दिए गए हैं ।
इसके पहले रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा था कि नई गाइडलाइन (Chhattisgarh Land Guideline) से भूमि अधिग्रहण में ज्यादा मुआवजा मिलने की बात भ्रामक है। इससे केवल 1% किसानों को फायदा होगा, जबकि 99% जनता पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।
वहीं पूर्व CM भूपेश बघेल ने कहा था कि सुना है कि जमीन खरीदी पर अव्यवहारिक गाइडलाइन रेट लादने वाले मंत्री जी ने कहा है कि यह ऊपर से अप्रूव हो चुका है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि राज्य के कैबिनेट से ‘ऊपर’ कौन है ?
जिला मूल्यांकन समिति के लिए निर्देश जारी
सेंट्रल वैल्यूएशन बोर्ड की मीटिंग में यह तय किया गया कि डिस्ट्रिक्ट वैल्यूएशन कमेटी को निर्देश दिया जाए। वे हाल ही में रेट बढ़ने के बाद मिले मेमोरेंडम, आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा करें। 31 दिसंबर तक गाइडलाइन रेट में बदलाव के लिए प्रस्ताव जमा करें।
अब पढ़िए नई जमीन दरों को लेकर क्या-क्या हुआ
दरअसल, छत्तीसगढ़ सरकार ने 9 नवंबर को जमीन की दरों और रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी के बारे में निर्देश जारी किए थे (Chhattisgarh Land Guideline)। इससे जमीन की कीमतों में 5-9 गुना बढ़ोतरी हुई। 10 लाख रुपए की जमीन अचानक 70 लाख रुपए की हो गई थी। इससे राज्यभर में व्यापारियों और नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसी बीच 1 दिसंबर को दुर्ग में व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन के दौरान, दुर्ग पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। जमीन के व्यापारियों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। कुछ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए।
दुर्ग में कलेक्ट्रेट और रजिस्ट्रार ऑफिस के बाहर छह पुलिस स्टेशनों की पुलिस तैनात की गई थी। कांग्रेस पार्टी भी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई। पुतले जलाए और काले झंडे दिखाए। उन्होंने व्यापारियों पर लाठीचार्ज के लिए सरकार की आलोचना की।


