Chhattisgarh Liquor Scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में एक और अहम मोड़ सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में लगभग 3800 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र चैतन्य बघेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं ।
सिंडिकेट से सीधे जुड़ाव का दावा
जांच एजेंसी का कहना है कि शराब कारोबार से जुड़ा अवैध वसूली तंत्र केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका संचालन एक संगठित सिंडिकेट के जरिए किया गया। EOW के अनुसार इस नेटवर्क से मिलने वाली बड़ी रकम का सीधा लाभ चैतन्य बघेल तक पहुंचा।
प्रशासन और कारोबार के बीच कड़ी
चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि आबकारी तंत्र में वसूली व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और निजी कारोबारियों के बीच समन्वय बनाया गया। एजेंसी का आरोप है कि इस पूरी व्यवस्था को संरक्षण और दिशा देने में प्रभावशाली भूमिका निभाई गई।
अवैध रकम का निवेश और लेन-देन
जांच के दौरान यह सामने आया है कि कथित तौर पर हासिल की गई रकम को अलग-अलग माध्यमों से घुमाया गया। EOW के अनुसार यह धन विभिन्न फर्मों और बैंकिंग चैनलों के जरिए पारिवारिक व्यवसायों में लगाया गया, बाद में इसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश किया गया।
घोटाले की कुल राशि पर एजेंसियों का अनुमान
EOW का दावा है कि अब तक की जांच में शराब घोटाले की कुल अवैध राशि 3000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जो आगे चलकर 3500 करोड़ रुपये से ऊपर जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि इससे राज्य के राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ है।
ED की जांच और आगे की कार्रवाई
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय भी समानांतर जांच कर रही है। एजेंसियों का कहना है कि शराब घोटाले से जुड़े हर पहलू की परत-दर-परत जांच जारी है। पहले ही कई गिरफ्तारियां और संपत्ति कुर्की की कार्रवाई हो चुकी है, जबकि आगे भी कड़े कदम उठाए जाने की संभावना जताई गई है।





