Chhattisgarh Migrant Killing: केरल के पालक्काड जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां छत्तीसगढ़ से रोज़गार की तलाश में पहुंचे प्रवासी मजदूर रामनारायण बघेल की भीड़ ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। चोरी की एक घटना के बाद उन्हें संदिग्ध मान लिया गया और बिना किसी पुष्टि के हिंसा का शिकार बना दिया गया। यह घटना बताती है कि अफवाह और डर कैसे इंसानियत पर भारी पड़ जाते हैं।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद देशभर में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिली। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर एक आम मजदूर को इस तरह सज़ा देने का अधिकार किसे है। इस मामले ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और पहचान से जुड़े बड़े मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत अमानवीय करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ इस तरह की हिंसा सभ्य समाज के मूल्यों के खिलाफ है। राज्य सरकार ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और परिजनों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
राज्य प्रशासन ने पीड़ित के परिजनों को केरल भेजकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराईं। रामनारायण बघेल का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से उनके गृह ग्राम करही, जिला सक्ती लाने की व्यवस्था की गई, ताकि अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने केरल सरकार से अपील की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्थानीय पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा एक गंभीर सवाल बन गया है।


