सीजी भास्कर, 4 जनवरी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विश्वास, विकास और सुरक्षा ही बस्तर (Chhattisgarh Naxal News) की नई दिशा है, जहाँ अब हिंसा नहीं बल्कि शांति ही एकमात्र विकल्प बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बस्तर अंचल अब निर्णायक बदलाव के दौर से गुजर रहा है और यह परिवर्तन स्थायी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि बस्तर रेंज के बीजापुर और सुकमा जिलों में सुरक्षा बलों द्वारा संचालित नक्सल विरोधी अभियानों में निर्णायक सफलता प्राप्त हुई है। इन अभियानों के दौरान कुल 14 माओवादियों को न्यूट्रलाइज़ किया गया है, जिससे क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को गंभीर झटका लगा है।
मुख्यमंत्री (Chhattisgarh Naxal News) ने कहा कि सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति, सतत दबाव और मजबूत जमीनी पकड़ के चलते माओवादी संगठन तेजी से कमजोर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और हिंसा के वातावरण से बाहर निकलकर विकास, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों की ओर अग्रसर हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सकारात्मक परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों की अदम्य वीरता एवं प्रतिबद्धता, संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा बस्तर की जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। सरकार की मंशा स्पष्ट है कि क्षेत्र में शांति स्थापित करते हुए समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और साहस को नमन करते हुए उन्हें इस सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि जवानों का यह समर्पण बस्तर में स्थायी शांति की नींव को और मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि जो लोग अब भी हिंसा (Chhattisgarh Naxal News) का रास्ता चुन रहे हैं, वे आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा से जुड़ें, सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ और सम्मानपूर्वक जीवनयापन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इसके बावजूद हिंसा का मार्ग चुना जाता है, तो राज्य शासन और सुरक्षा बल कानून एवं संविधान के अनुरूप अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए पूरी तरह सक्षम और प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की अंधेरी रात अब अपने अंतिम चरण में है और बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का स्थायी सूर्योदय सुनिश्चित है।


