सीजी भास्कर, 03 दिसंबर| छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम को शनिवार को दोहरी (Chhattisgarh Naxal Surrender) सफलता मिली। एक तरफ मोस्ट वांटेड नक्सली लीडर देवा बारसे ने अपने साथियों के साथ हथियार डाल दिए, तो दूसरी ओर सुरक्षाबलों ने अलग-अलग मुठभेड़ों में 14 नक्सलियों को मार गिराया। यह घटनाक्रम साफ संकेत देता है कि बस्तर में नक्सली संगठन अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है।
हैदराबाद में देवा का सरेंडर
लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल देवा बारसे ने 20 नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण किया। सूत्रों के अनुसार, देवा अपने साथियों के साथ पहले तेलंगाना के मुलुगु पहुंचा था, जहां से पुलिस उसे Hyderabad लेकर पहुंची।
दोपहर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए सरेंडर से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा (Chhattisgarh Naxal Surrender) की जाएगी। इस सरेंडर को नक्सल नेटवर्क के मनोबल पर बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि देवा दक्षिण बस्तर क्षेत्र में संगठन की रणनीति का अहम चेहरा था।
सुकमा और बीजापुर में मुठभेड़, 14 नक्सली ढेर
शनिवार सुबह Sukma के किस्टाराम इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें 12 नक्सली मारे गए। वहीं Bijapur जिले में अलग ऑपरेशन के दौरान 2 नक्सलियों को ढेर किया गया। बीजापुर में मारे गए दोनों नक्सलियों के शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान चला रहे हैं।
DRG की कार्रवाई, तड़के शुरू हुई गोलीबारी
बीजापुर में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता इनपुट मिलने के बाद District Reserve Guard (DRG) की टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। शनिवार तड़के नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सुबह करीब 5 बजे से रुक-रुककर गोलीबारी होती रही।
मुठभेड़ की पुष्टि जिले के पुलिस अधीक्षक Jitendra Yadav ने की है। सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां फिलहाल साझा (Chhattisgarh Naxal Surrender) नहीं की गई हैं।
8 दिन पहले ढेर हुआ था 1 करोड़ का इनामी गणेश उईके
25 दिसंबर को पड़ोसी राज्य Odisha के कंधमाल जिले में सुरक्षाबलों ने बड़े एनकाउंटर में 6 नक्सलियों को मार गिराया था। इनमें सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) और एक करोड़ से ज्यादा के इनामी गणेश उईके भी शामिल था। इस ऑपरेशन में SOG, CRPF और BSF की संयुक्त टीमें शामिल थीं। मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे, जिनमें इंसास और .303 राइफल शामिल थीं।
बस्तर में अब कितने नक्सली बचे?
खुफिया आकलन के मुताबिक बस्तर के अलग-अलग इलाकों में अब सिर्फ 200 से 300 आर्म कैडर नक्सली (Chhattisgarh Naxal Surrender) ही सक्रिय बचे हैं। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। उत्तर बस्तर और माड़ डिवीजन से भी नक्सलियों का लगभग सफाया हो चुका है।
अब सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी चुनौती अगले 90 दिनों में दक्षिण बस्तर डिवीजन को पूरी तरह नक्सल मुक्त करना है। माना जा रहा है कि यदि बचे हुए शीर्ष नक्सली या तो मारे जाते हैं या आत्मसमर्पण करते हैं, तो बस्तर में नक्सल संगठन का फ्रंट लाइन नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।





