सीजी भास्कर, 31 मार्च। छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव लागू होने (Chhattisgarh Prepaid Electricity) जा रहा है। अब बिजली भी मोबाइल की तरह “प्रीपेड” मॉडल पर चलेगी, यानी पहले रिचार्ज कराओ, फिर बिजली इस्तेमाल करो। राज्य विद्युत नियामक आयोग की मंजूरी के बाद यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू हो रही है, जिससे बिजली उपभोग और भुगतान प्रणाली पूरी तरह बदल जाएगी।
कैसे काम करेगा नया प्रीपेड सिस्टम
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को पहले से तय राशि का रिचार्ज कराना होगा। जैसे ही बैलेंस खत्म होगा, बिजली सप्लाई अपने आप बंद हो जाएगी। यानी अब बिल जमा करने की देरी या नोटिस का इंतजार नहीं – सीधा कनेक्शन कट जाएगा। यह सिस्टम स्मार्ट मीटर के जरिए काम करेगा, जो बिजली की खपत को रियल टाइम में ट्रैक करेगा। इससे उपभोक्ताओं को अपनी खपत और खर्च पर सीधा नियंत्रण मिलेगा, लेकिन साथ ही लापरवाही भारी भी पड़ सकती है।
सरकारी विभागों से होगी शुरुआत
इस नई व्यवस्था की शुरुआत फिलहाल सरकारी कनेक्शनों से की जा रही है। ब्लॉक स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों को प्रीपेड मोड में बदला (Chhattisgarh Prepaid Electricity) जा रहा है। राज्य में करीब 1.72 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से लगभग 1.5 लाख मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं। बाकी बचे मीटर पंचायतों और आंगनबाड़ी केंद्रों में तेजी से इंस्टॉल किए जा रहे हैं, ताकि पूरे सिस्टम को जल्द लागू किया जा सके।
बढ़ते बकाया ने बदली व्यवस्था
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह सरकारी विभागों पर बढ़ता बिजली बिल का बकाया है। अगस्त 2024 में जहां यह बकाया करीब 1,988 करोड़ रुपये था, वहीं मार्च 2025 तक बढ़कर 2,444.91 करोड़ रुपये हो गया। अब यह आंकड़ा 3,000 करोड़ रुपये पार कर चुका है और मार्च के अंत तक 3,500 करोड़ तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
सबसे ज्यादा बकाया नगरीय निकायों पर करीब 2,000 करोड़ रुपये और विकास विभाग पर लगभग 600 करोड़ रुपये है। ऐसे में बिजली कंपनियों के लिए यह मॉडल जरूरी हो गया था, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
तीन महीने का एडवांस अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत सभी विभागों को अपने औसत बिजली बिल के आधार पर कम से कम तीन महीने का अग्रिम रिचार्ज कराना होगा। इसके बाद उन्हें समय-समय पर रिचार्ज कराते रहना होगा। अगर रिचार्ज खत्म हो जाता है और समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो बिजली सप्लाई तुरंत बंद हो जाएगी, जिसे दोबारा चालू कराने के लिए फिर से रिचार्ज करना होगा।
सरकार ने शुरू किया बकाया निपटान
पुराने बकाया को कम करने के लिए राज्य सरकार ने 600 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी (Chhattisgarh Prepaid Electricity) कर दी है। आगे भी चरणबद्ध तरीके से भुगतान करने की योजना बनाई गई है, ताकि बिजली कंपनियों पर वित्तीय दबाव कम किया जा सके।
आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंचेगा सिस्टम
फिलहाल यह सिस्टम सरकारी कनेक्शनों पर लागू किया जा रहा है, लेकिन आने वाले समय में इसे आम उपभोक्ताओं तक भी विस्तार दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिल वसूली में पारदर्शिता आएगी और बकाया की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा। हालांकि, आम लोगों के लिए यह बदलाव सुविधाजनक भी हो सकता है और चुनौतीपूर्ण भी क्योंकि अब बिजली का इस्तेमाल पूरी तरह आपके रिचार्ज पर निर्भर करेगा।


