सीजी भास्कर, 25 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में अक्टूबर के आखिर में एक बार फिर मौसम (Chhattisgarh Rain Alert News) करवट लेने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर सिस्टम अब राज्य की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम 27 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है, जिसके असर से पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना बढ़ गई है।
राजधानी रायपुर, बस्तर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर जिलों में 27 से 29 अक्टूबर तक बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि इस दौरान पूर्वी और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के भी आसार हैं।
धान की फसल पर मंडराया खतरा
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली यह बारिश किसानों के लिए चिंता का सबब बन सकती है। जिन इलाकों में धान की कटाई पूरी हो चुकी है लेकिन फसल अभी खेतों में रखी हुई है, वहां धान के भीगने और सड़ने का खतरा बढ़ गया है (Chhattisgarh Rain Alert News)। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द धान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएँ और खुले खेतों में फसल न रखें।
4 दिन तक बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने 25 से 28 अक्टूबर तक बिजली गिरने और आंधी-बारिश की चेतावनी दी है।
25 अक्टूबर : धमतरी, कांकेर, कोण्डागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा और बस्तर में बारिश।
26 अक्टूबर: बिलासपुर, सरगुजा को छोड़कर सभी जिलों में बारिश की संभावना।
27-28 अक्टूबर : रायगढ़, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, कोरबा, बेमेतरा, बालोद और नारायणपुर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट।
29 अक्टूबर तक रहेगा सक्रिय
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए लोग सावधानी बरतें और खुले इलाकों से दूर रहें। मौसम विभाग ने बताया कि यह सिस्टम 29 अक्टूबर तक सक्रिय रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे कमजोर पड़ जाएगा। राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने और कृषि फसलों के नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।


