सीजी भास्कर, 2 फरवरी | Chhattisgarh Rojgar Mela Reality : रायपुर के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले को लेकर युवाओं में खासा उत्साह था। सरकारी स्तर पर दावा किया गया था कि करीब 15 हजार युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन आयोजन समाप्त होने तक महज 1,816 युवाओं को ही नौकरी मिल पाई। बाकी युवाओं के हिस्से सिर्फ आश्वासन और इंतजार आया।
रिज्यूम लिया, जवाब टाल दिया
रोजगार मेले में शामिल कई युवाओं ने बताया कि अधिकांश कंपनियों ने केवल उनका बायोडाटा लिया। इंटरव्यू के बाद यह कहकर टाल दिया गया कि “एक हफ्ते में कॉल आएगा।” इस प्रक्रिया से नाराज युवाओं की भीड़ बिना किसी स्पष्ट जवाब के लौटती नजर आई। कई युवाओं ने सवाल उठाया कि जब रिज्यूम पहले से रोजगार कार्यालय में मौजूद है, तो मेले में बुलाने का औचित्य क्या था।
कम सैलरी ने बढ़ाई नाराजगी
युवाओं की नाराजगी की एक बड़ी वजह कम वेतन प्रस्ताव भी रही। अनुभवी अभ्यर्थियों को भी अपेक्षा से काफी कम सैलरी ऑफर की गई। पाटन से आई प्रतिभा ने बताया कि अनुभव होने के बावजूद वेतन उम्मीद से बहुत कम बताया गया, जिससे निराशा बढ़ी।
कॉल पर बताएंगे आगे की प्रक्रिया
बलौदाबाजार से पहुंचे शिवनाथ साहू ने टेक्नीशियन और सुपरवाइजर पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन कंपनी ने सिर्फ रिज्यूम रख लिया। वहीं, सोलर फिटर असिस्टेंट पद के लिए आए देवनारायण वर्मा से शैक्षणिक जानकारी लेकर “बाद में सूचित करेंगे” कह दिया गया।
बाहर की पोस्टिंग, भीतर की चिंता
कुछ युवाओं को नौकरी का ऑफर तो मिला, लेकिन पोस्टिंग छत्तीसगढ़ से बाहर बताई गई। योगेश मानिकपुरी ने कहा कि उन्हें हरियाणा या ओडिशा में काम करना होगा, जबकि सैलरी वहां के खर्चों के लिहाज से कम है। ऐसे में जॉइनिंग को लेकर वे परिवार से चर्चा करेंगे।
अनुभव के बावजूद वेतन में कटौती
बालोद निवासी बलदाऊ साहू, जिनके पास होटल मैनेजमेंट में 8–10 साल का अनुभव है, ने बताया कि 18 हजार की मौजूदा सैलरी छोड़कर उन्हें 14 हजार तक का ऑफर दिया गया। इसी तरह, दो बच्चों के पिता को 12 हजार की नौकरी मिली, जिसे उन्होंने परिवार चलाने के लिए अपर्याप्त बताया।
पंजीयन ज्यादा, उपस्थिति कम
इस रोजगार मेले में करीब 64 हजार युवाओं ने पंजीयन कराया था, लेकिन इंटरव्यू के लिए सिर्फ 7,009 युवा ही पहुंचे। पहले दिन 2,090, दूसरे दिन 2,004 और तीसरे दिन 2,915 युवाओं की मौजूदगी दर्ज हुई। यानी 56 हजार से अधिक युवाओं ने मेले में आना जरूरी नहीं समझा।
विभाग का पक्ष
रोजगार विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई युवाओं को जॉब लेटर दिए गए हैं और बड़ी संख्या में प्राथमिक चयन हुआ है। विभाग के अनुसार, कंपनियां चयनित युवाओं से आगे संपर्क करेंगी और प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।





