सीजी भास्कर 3 फ़रवरी छत्तीसगढ़ ने विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा कदम रखा है, जिसने राज्य की पहचान को राष्ट्रीय नक्शे पर नई ऊंचाई दी है। राजधानी रायपुर में राज्य के पहले Chhattisgarh Space Center का विधिवत शुभारंभ किया गया, जो आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए अंतरिक्ष विज्ञान का प्रवेश द्वार साबित होगा।
इस केंद्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। छात्र अब रॉकेट मॉडलिंग, सैटेलाइट डिजाइन, ट्रैकिंग सिस्टम और स्पेस डेटा एनालिसिस जैसे विषयों को व्यावहारिक रूप से सीख सकेंगे। (Satellite Technology) और (Space Research Education) जैसे आधुनिक क्षेत्रों से सीधे जुड़ाव इस सेंटर को खास बनाता है।
Chhattisgarh Space Center का लोकार्पण, सीएम साय की मौजूदगी
नवा रायपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में बने इस अत्याधुनिक केंद्र का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को वैश्विक वैज्ञानिक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी और राज्य को “ज्ञान आधारित विकास” की दिशा में आगे ले जाएगी।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि देश के अंतरिक्ष यात्री कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी इस अवसर पर मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों से संवाद करते हुए अंतरिक्ष विज्ञान में करियर की संभावनाओं, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के महत्व पर बात की। (Astronaut Interaction) जैसे अनुभव छात्रों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देंगे।
Chhattisgarh Space Center का उद्देश्य, गांव से ग्लोबल तक
इस परियोजना का मकसद केवल शहरी छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ना है। प्रशासनिक सहयोग और निजी भागीदारी से तैयार यह मॉडल आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी दोहराया जा सकता है। (Future Space Mission) की नींव यहीं से रखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्पेस सेंटर छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक बदलाव लाएगा। यहां से निकलने वाले छात्र न केवल वैज्ञानिक सोच विकसित करेंगे, बल्कि देश के स्पेस मिशनों में भागीदारी के लिए भी खुद को तैयार कर सकेंगे।




