सीजी भास्कर, 09 अप्रैल । छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला अपनी नैसर्गिक सुंदरता और शांत वादियों के लिए धीरे-धीरे देश के पर्यटन मानचित्र पर उभर रहा है। इसी कड़ी में, प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जशपुर के प्रसिद्ध ‘मयाली नेचर कैंप’ का दौरा किया। सघन वनों और विशाल जलाशय के बीच बसे इस खूबसूरत स्थल पर पहुंचकर मंत्री ने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि खुद बोटिंग का आनंद लेते हुए यहाँ की प्राकृतिक छटा की सराहना भी की।
प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम है मयाली
मयाली नेचर कैंप की खासियत यह है कि यहाँ एक ओर विशाल जलाशय दर्पण की तरह शांत दिखाई देता है, तो दूसरी ओर मधेश्वर पर्वत एक विराट प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में खड़ा है। यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों को भी अपनी ओर खींचता है। मंत्री राजेश अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि मयाली की धरा में वह क्षमता है कि इसे देश के प्रमुख ‘इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित किया जा सके।
पर्यटकों की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान पर्यटन मंत्री ने कैंप में बने टेंट हाउस, कुटीर और भोजन व्यवस्था की बारीकी से जांच की। उन्होंने छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए यहाँ मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाए। मंत्री ने स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने पर जोर दिया, ताकि विदेशी पर्यटकों को भी यहाँ आकर्षित किया जा सके।
स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर रहेगा विशेष फोकस
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि पर्यटन विकास का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मयाली नेचर कैंप के जरिए स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जाए। ट्रेकिंग, बोटिंग और स्थानीय व्यंजनों के प्रचार-प्रसार से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि जशपुर की सांस्कृतिक विरासत भी दुनिया के सामने आएगी। वर्तमान में यहाँ पर्यटकों के लिए साहसिक खेलों और ट्रेकिंग की बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर काम शुरू करने की तैयारी है।


