सीजी भास्कर, 2 जनवरी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोकपर्व छेरछेरा (Chherchhera Festival) के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर राज्य की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की मंगलकामना करते हुए कहा कि छेरछेरा पर्व छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और मानवीय मूल्यों का जीवंत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छेरछेरा पर्व महादान, सामाजिक समरसता और दानशीलता की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है, जो समाज में आपसी सहयोग और करुणा का संदेश देता है। यह पर्व नई फसल के आगमन की खुशी में पौष मास की पूर्णिमा को पूरे प्रदेश में पारंपरिक उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व (Chherchhera Festival) छत्तीसगढ़ की समृद्ध और गौरवशाली परंपराओं को सजीव रूप में प्रस्तुत करता है, जहां लोग अन्न को सर्वोच्च मानते हुए दान को पुण्य कर्म के रूप में अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकपर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और साझा समृद्धि की भावना को मजबूत करने का माध्यम है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इसी दिन मां शाकंभरी जयंती मनाई जाती है, जो अन्न, प्रकृति और जीवन के संरक्षण का संदेश देती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान शिव ने माता अन्नपूर्णा से भिक्षा ग्रहण की थी। इसी परंपरा के अनुरूप छेरछेरा पर्व पर धान के साथ-साथ साग-भाजी, फल एवं अन्य अन्न का दान कर लोग मानवता, सहयोग और संवेदनशीलता का परिचय देते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छेरछेरा पर्व हमें समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस लोकपर्व को पारंपरिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव और सामूहिक उल्लास के साथ मनाएं तथा दान और सहयोग की इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएं।





