सीजी भास्कर, 14 मार्च। लखनऊ के चौक इलाके से आई एक बेहद दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर (Child Abuse In Lucknow) दिया है। पांच साल के मासूम अर्नव की मौत के बाद उसके पिता और सौतेली मां पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि बच्चे को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और हाल की बुरी तरह पिटाई के बाद उसकी जान चली गई। इस घटना के सामने आते ही इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। जब पुलिस आरोपियों को लेकर मौके पर पहुंची तो मोहल्ले के लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
पोस्टमार्टम में कई चोटों के निशान, पुरानी प्रताड़ना की आशंका
मामले की जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बच्चे के शरीर पर सिर्फ हाल की चोटें ही नहीं, बल्कि पुराने जख्मों के निशान भी पाए गए। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि मासूम लंबे समय से हिंसा झेल रहा था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बच्चे को अक्सर बुरी तरह मारा-पीटा जाता था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी प्रताड़ना की आशंका को और गंभीर बना दिया है। यही वजह है कि इस घटना ने सिर्फ हत्या के आरोप तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि यह मामला बाल उत्पीड़न की भयावह तस्वीर बनकर सामने आया है।
परिवार पर बच्चे को सबसे दूर रखने के आरोप
बच्चे के ननिहाल पक्ष ने आरोप लगाया है कि उन्हें अर्नव से मिलने तक नहीं दिया (Child Abuse In Lucknow) जाता था। यह भी कहा गया कि उसके शरीर पर चोटों के निशान छिपाने के लिए उसे गर्म मौसम में भी पूरे बदन ढकने वाले कपड़े पहनाए जाते थे। अगर यह आरोप जांच में सही साबित होते हैं, तो मामला और गंभीर हो सकता है। इससे संकेत मिलता है कि मासूम के साथ हो रही हिंसा को लंबे समय तक छिपाने की कोशिश की गई थी। इस पहलू ने पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
आरोपी दंपति गिरफ्तार, इलाके में फांसी की मांग
पुलिस ने बच्चे की मौत के बाद आरोपी पिता और सौतेली मां को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद उनके घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और भारी हंगामा देखने को मिला। स्थानीय लोगों का गुस्सा इतना अधिक था कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग शुरू कर दी। मौके पर मौजूद पुलिस बल को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। भीड़ का एक हिस्सा आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश भी करता दिखा, लेकिन पुलिस ने किसी तरह दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
जांच अब प्रताड़ना के पूरे पैटर्न पर टिकी
यह मामला अब सिर्फ एक दिन की हिंसा का नहीं, बल्कि इस सवाल का बन (Child Abuse In Lucknow) गया है कि क्या बच्चे को लंबे समय से यातना दी जा रही थी। पुलिस की आगे की जांच अब इसी दिशा में अहम होगी। परिवार, पड़ोसियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिले इनपुट मिलाकर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि मासूम किन परिस्थितियों में रह रहा था। लखनऊ की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि घर की चारदीवारी के भीतर होने वाली हिंसा कितनी देर तक छिपी रह सकती है और उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।





