Child Heart Screening in Surguja: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आयोजित जिला स्तरीय विशेष हृदय जांच शिविर के दौरान बच्चों की सेहत को लेकर अहम तथ्य सामने आए। शिविर में 57 बच्चों की कार्डियक स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 30 बच्चों में हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि हुई। सभी चिन्हित बच्चों को (Raipur Referral for Surgery) के तहत आगे के उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
चिरायु योजना के तहत ईको जांच से मिली सटीक जानकारी
यह शिविर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज की एमसीएच बिल्डिंग में आयोजित हुआ। विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीकी स्टाफ ने ईको जांच के जरिए बच्चों के हृदय की विस्तृत जांच की। डॉक्टरों के मुताबिक (Chirayu Yojana Cardiac Camp) जैसे शिविरों से जन्मजात और शुरुआती चरण के हृदय रोग समय रहते पकड़ में आ जाते हैं, जिससे इलाज की संभावना बढ़ती है।
1 से 14 साल के बच्चों की हुई जांच, 30 मामलों में इलाज जरूरी
शिविर में 1 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 172 बच्चों का पंजीयन हुआ था, जिनमें से प्राथमिक छंटनी के बाद 57 बच्चों की कार्डियक ईको जांच की गई। जांच में 30 बच्चों में हृदय रोग के लक्षण मिले, जिनके लिए (Free Pediatric Heart Surgery) की प्रक्रिया तय की गई है। शेष पंजीकृत बच्चों की जांच अगले चरण के शिविर में की जाएगी।
विकासखंडों से पहुंचे चिरायु दल, समन्वय से आसान हुआ उपचार
जिले के अलग-अलग विकासखंडों से चिरायु दल अपने-अपने हितग्राहियों के साथ शिविर में पहुंचे। स्वास्थ्य अमले ने पंजीयन से लेकर जांच और रेफरल तक की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखा, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर (Raipur Referral for Surgery) मिल सके। अभिभावकों को आगे की तारीखें और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दी गई।
समय पर पहचान से बच्चों को मिल रहा सुरक्षित भविष्य
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविरों से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान संभव होती है। डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती चरण में इलाज मिलने से सर्जरी के नतीजे बेहतर रहते हैं और बच्चों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में मदद मिलती है—यही (Free Pediatric Heart Surgery) जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य है।






