सीजी भास्कर, 11 जनवरी। अक्सर लोग यह सोचकर क्रेडिट कार्ड (CIBIL Score Effect) बंद कर देते हैं कि इससे खर्च पर नियंत्रण रहेगा, लेकिन यही फैसला आगे चलकर उनकी वित्तीय साख पर असर डाल सकता है। फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बिना पूरी समझ के क्रेडिट कार्ड क्लोज करना सिबिल स्कोर को कमजोर कर सकता है, जिसका सीधा असर भविष्य में लोन और क्रेडिट अप्रूवल पर पड़ता है।
जब कोई क्रेडिट कार्ड बंद किया जाता है, तो सबसे पहला असर आपकी कुल क्रेडिट लिमिट पर पड़ता है। मान लीजिए आपके पास दो कार्ड हैं और दोनों की कुल लिमिट 2 लाख रुपये है। यदि आप हर महीने करीब 40 हजार रुपये खर्च करते हैं, तो आपका क्रेडिट उपयोग अनुपात 20 प्रतिशत (CIBIL Score Effect) रहता है, जिसे बैंक सुरक्षित मानते हैं। लेकिन जैसे ही आप एक कार्ड बंद करते हैं, लिमिट घट जाती है और वही खर्च अचानक ज्यादा जोखिम वाला दिखाई देने लगता है। यही बढ़ा हुआ क्रेडिट यूटिलाइजेशन सिबिल स्कोर को नीचे खींच सकता है।
सिर्फ लिमिट ही नहीं, बल्कि आपका पुराना क्रेडिट इतिहास भी स्कोर की मजबूती में अहम भूमिका निभाता है। लंबे समय से चला आ रहा कोई पुराना कार्ड आपकी वित्तीय विश्वसनीयता को दर्शाता है। ऐसे कार्ड को बंद करने से क्रेडिट हिस्ट्री छोटी हो जाती है, जिससे स्कोर में स्थिरता कम हो सकती है। बैंक और वित्तीय संस्थान लंबे और नियमित भुगतान रिकॉर्ड को ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं।
इसके अलावा, अलग-अलग प्रकार के क्रेडिट—जैसे क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन या होम लोन—आपके प्रोफाइल को संतुलित बनाते हैं। केवल जरूरत से ज्यादा कटौती या कार्ड बंद करना इस संतुलन को बिगाड़ (CIBIL Score Effect) सकता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ बिना शुल्क वाले या कम इस्तेमाल होने वाले कार्ड को भी पूरी तरह बंद करने की सलाह नहीं देते।
हालांकि, कुछ स्थितियों में कार्ड बंद करना सही भी हो सकता है। यदि किसी कार्ड पर भारी सालाना शुल्क है, लाभ बेहद सीमित हैं या वह बार-बार अनावश्यक खर्च बढ़ा रहा है, तो उसे बंद करने पर विचार किया जा सकता है। लेकिन यह फैसला सोच-समझकर और वैकल्पिक क्रेडिट प्लान के साथ लेना जरूरी है।
फाइनेंस जानकारों की राय है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हमेशा लिमिट के 30 प्रतिशत के भीतर रखें, बिल समय पर चुकाएं और सबसे पुराने कार्ड को सक्रिय बनाए रखें। बिना वजह कार्ड बंद करने से बचना और जिम्मेदार तरीके से क्रेडिट का उपयोग करना ही लंबे समय तक मजबूत सिबिल स्कोर की कुंजी है।





