सीजी भास्कर, 14 जनवरी। मध्य प्रदेश में विकास योजनाओं और बड़ी परियोजनाओं (CM Pragati Portal MP) के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के Pro-Active Governance and Timely Implementation (PRAGATI) पोर्टल की तर्ज पर सीएम प्रगति पोर्टल की शुरुआत की जाएगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान की।
यह पत्रकार वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संचालित प्रगति पोर्टल की 50वीं बैठक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह (औद्योगिक नीति, निवेश एवं प्रोत्साहन विभाग) ने प्रदेश की बड़ी और लंबित परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तृत जानकारी साझा की।
पीएम प्रगति पोर्टल से मिली प्रशासनिक गति
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में अब तक प्रगति पोर्टल (CM Pragati Portal MP) की 50 बैठकें आयोजित हो चुकी हैं, जिनमें सभी राज्यों के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार के सचिव सीधे जुड़े रहते हैं। इसी प्रणाली के अंतर्गत पीएम गतिशक्ति और सीपी ग्राम पोर्टल भी संचालित हो रहे हैं, जिनके माध्यम से हर महीने लगभग दो लाख जन शिकायतों के निराकरण का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री स्तर पर प्रति माह होने वाली इन बैठकों में राज्यों की लंबित परियोजनाओं की समीक्षा होती है। मध्य प्रदेश के 7.85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 209 पीएमजी (PMG) परियोजनाएं इस पोर्टल पर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 97 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।
322 समस्याएं चिन्हित, 312 का समाधान
अनुराग जैन के अनुसार, प्रगति पोर्टल (CM Pragati Portal MP) के माध्यम से परियोजनाओं से जुड़ी कुल 322 समस्याएं चिन्हित की गई थीं, जिनमें से 312 का समाधान किया जा चुका है, जबकि शेष 10 समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक प्रगति सड़क परियोजनाओं में देखने को मिली है। जबलपुर–गोंदिया ब्रॉडगेज परियोजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसका कार्य वर्ष 2003 में शुरू हुआ था, लेकिन प्रगति बेहद धीमी थी। प्रगति पोर्टल के हस्तक्षेप से यह परियोजना समय पर पूरी हो सकी, अन्यथा मौजूदा गति से यह कार्य वर्ष 2028 तक ही पूरा हो पाता।
गुड गवर्नेंस का सबसे बड़ा उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रगति पोर्टल गुड गवर्नेंस का सबसे बड़ा उदाहरण है। बारीकी से समीक्षा, समयबद्ध निर्णय और जवाबदेही की कार्यसंस्कृति ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया है। उन्होंने मुख्य सचिव अनुराग जैन और उनकी टीम को इस सफल व्यवस्था के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक प्रक्रियाओं में बड़ा बदलाव आया है। उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास में केंद्र सरकार किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ रही है, जहां निवेश पर 20 वर्षों तक जीएसटी में छूट दी जा रही है।
इंदौर–मनमाड़ और केन–बेतवा परियोजनाओं को मिली गति
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इंदौर–मनमाड़ रेल परियोजना की प्रगति भी प्रगति पोर्टल के माध्यम से संभव हो सकी है। केन–बेतवा नदी जोड़ो परियोजना में लगभग पूरा वित्तीय सहयोग केंद्र सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन विकास के मामले में सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बदलता दौर है, जहां कार्यसंस्कृति में स्पष्ट परिवर्तन आया है। अब तक 108 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 97 प्रतिशत कार्य समयसीमा के भीतर पूरे किए गए हैं, जो प्रशासनिक दक्षता का प्रमाण है।




