सीजी भास्कर, 18 जून : छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने गरियाबंद (CM Vishnu Deo Sai in Gariaband ) जिले को 603 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 76 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने 86 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण किया, जबकि 516 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और हर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है।
बिजली, पानी और किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लगभग 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली खर्च कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
किसानों के लिए कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे खाद, बीज और ऋण जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने किसानों से नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।
सुपेबेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान की पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
महिलाओं, किसानों और आदिवासी परिवारों को योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। अब तक 28 किश्तों में 18,165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है और कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी प्रदान की जा रही है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है।
शिक्षा और आवास पर भी विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है और 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने की अपील की।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19.70 लाख आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हुआ है।
सड़क, सिंचाई और स्वास्थ्य परियोजनाओं को मिली प्राथमिकता
भूमिपूजन और शिलान्यास किए गए कार्यों में लोक निर्माण विभाग के 368 करोड़ रुपये से अधिक के सड़क निर्माण कार्य, जल संसाधन विभाग की 53 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं, सेतु निर्माण कार्य, स्वास्थ्य विभाग की नई अधोसंरचना, ग्रामीण सड़क परियोजनाएं और विद्युत वितरण नेटवर्क विस्तार से जुड़े कार्य शामिल हैं।
विकसित गरियाबंद की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि गरियाबंद अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और धार्मिक विरासत के लिए विशेष पहचान रखता है। राजिम, राजीव लोचन मंदिर और कुलेश्वर महादेव जैसे आस्था केंद्रों के विकास के लिए भी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए अधोसंरचना, कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। गरियाबंद में शुरू हुई ये परियोजनाएं जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री Dayaldas Baghel, कृषि मंत्री Ramvichar Netam, महासमुंद लोकसभा सांसद Roop Kumari Choudhary, राजिम विधायक Rohit Sahu सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।





