सीजी भास्कर, 17 जनवरी | जांजगीर-चांपा जिले के CMHO कार्यालय में CMHO Office Misconduct को लेकर माहौल गरमा गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में पदस्थ जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) उत्कर्ष तिवारी पर कार्यालय के भीतर वरिष्ठ कर्मचारी से अभद्र व्यवहार, अपमानजनक भाषा और धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं।
CMHO Office Misconduct का आरोपित घटनाक्रम: 8 जनवरी की सुबह का विवाद
सूत्रों के अनुसार, घटना 8 जनवरी को सुबह करीब 11 से 11:15 बजे के बीच CMHO कक्ष में हुई। उस समय कक्ष में अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान DPM उत्कर्ष तिवारी ने मुख्य लिपिक पुरुषोत्तम लाल साहू से तीखी बहस करते हुए अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया और निराधार आरोप लगाए।
“ऊंची पहुंच” का हवाला
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बहस के दौरान DPM ने शासन-प्रशासन में अपनी “ऊंची पहुंच” का हवाला देते हुए खुले तौर पर धमकी दी। इस कथित व्यवहार से कार्यालय का माहौल असहज हो गया और कर्मचारी मानसिक दबाव में आ गए। (CMHO Office Misconduct) का मुद्दा यहीं से गंभीर हुआ।
लिखित शिकायत सौंपने का फैसला
घटना से आहत मुख्य लिपिक पुरुषोत्तम लाल साहू ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कर्मचारी संघ को सौंपी है। शिकायत में आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने और मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख किया गया है। शिकायत के साथ घटनाक्रम से जुड़े दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं।
पहले भी लगे हैं आरोप
लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी उत्कर्ष तिवारी पर अन्य जिलों में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इसी तरह के व्यवहार के आरोप लगे थे। संघ का दावा है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद आचरण में सुधार नहीं हुआ।
कलेक्टर को ज्ञापन
मामले को लेकर कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासनिक जांच की मांग की है। संघ ने संविदा सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए 15 दिनों के भीतर कठोर निर्णय लेने की मांग रखी है।
आंदोलन की संभावना
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय-सीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। संघ का कहना है कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।





