Cold Wave Chhattisgarh : प्रदेश में ठंड ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बीते तीन दिनों से सुबह के वक्त घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई है। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में सुबह निकलना लोगों के लिए चुनौती बनता जा रहा है ।
लगातार गिर रहा न्यूनतम तापमान
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले करीब दस दिनों से रात का न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ठंड के इस लंबे दौर ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं बुजुर्गों और बच्चों के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत महसूस की जा रही है।
कोहरे की चेतावनी, कई जिलों पर असर
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों में बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरबा, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर और बलरामपुर जिलों के एक-दो इलाकों में दृश्यता काफी कम रह सकती है।
अंबिकापुर बना सबसे ठंडा इलाका
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान के लिहाज से राजनांदगांव 28 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। दुर्ग संभाग के कुछ क्षेत्रों में शीतलहर जैसी स्थिति भी महसूस की गई (Cold Wave Chhattisgarh)।
राजधानी रायपुर में भी ठंड की मौजूदगी
राजधानी रायपुर में मंगलवार को धुंध छाए रहने की संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह-शाम की ठंड ने लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है।
सतर्कता की सलाह, अगले दिनों पर नजर
मौसम विशेषज्ञों ने ठंड और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही कहा गया है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे Cold Wave Chhattisgarh का असर और गहरा सकता है।


