सीजी भास्कर, 26 दिसंबर | छत्तीसगढ़ में Cold Wave Chhattisgarh का असर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। उत्तर दिशा से बह रही सर्द हवाओं ने प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड को तीखा बना दिया है। दुर्ग, अंबिकापुर, पेंड्रा और रायगढ़ जैसे इलाकों में सुबह और रात के समय कंपकंपी महसूस की जा रही है, जिससे आम जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है।
दुर्ग में शीतलहर, रात का पारा 9 डिग्री के करीब
दुर्ग जिले में शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। यहां रात का न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। ठंड बढ़ने के साथ ही लोग देर रात और तड़के अलाव का सहारा लेते नजर आए। यह स्थिति Cold Wave Chhattisgarh के और गहराने के संकेत दे रही है।
जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग पर कोहरे की चादर
बस्तर अंचल में ठंड के साथ-साथ घने कोहरे ने भी परेशानी बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह जगदलपुर से चित्रकोट जाने वाले मार्ग पर दृश्यता बेहद कम रही। वाहन चालकों को धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ा। कोहरा और ठंड का यह मेल Cold Wave Chhattisgarh के प्रभाव को और गंभीर बना रहा है।
अगले दो दिन और गिरेगा तापमान
मौसम के रुझानों के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट संभव है। इससे ठंड और तेज हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में शीतलहर और सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी रहने के आसार हैं।
बच्चों की सेहत पर सीधा असर
तेज ठंड का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। बीते कुछ हफ्तों में अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के मामलों में तेजी आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बच्चों का शरीर जल्दी गर्मी खो देता है, जिससे Cold Wave Chhattisgarh के दौरान वे ज्यादा संवेदनशील हो जाते हैं।
NICU और SNCU तक पहुंच रहे मामले
लापरवाही की स्थिति में नवजात और छोटे बच्चों को एनआईसीयू और एसएनसीयू जैसी विशेष इकाइयों में भर्ती करना पड़ रहा है। शरीर का तापमान अचानक गिरना हाइपोथर्मिया का प्रमुख संकेत माना जा रहा है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
ओपीडी में बढ़ी सर्दी-खांसी और वायरल की भीड़
ठंड बढ़ते ही अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। सर्दी, खांसी, वायरल फीवर और सांस संबंधी दिक्कतों के मरीज ज्यादा पहुंच रहे हैं। रोजाना हजारों लोग इलाज के लिए अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, जो Cold Wave Chhattisgarh के व्यापक असर को दिखाता है।
क्या है हाइपोथर्मिया और क्यों है खतरनाक
हाइपोथर्मिया एक गंभीर मेडिकल स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य स्तर से नीचे चला जाता है। ठंडी हवा या पानी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से गर्मी खोता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में शरीर हवा की तुलना में लगभग 25 गुना तेजी से ठंडा होता है, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है।


