सीजी भास्कर 10 जनवरी Cold Wave Chhattisgarh Update : छत्तीसगढ़ में ठंड ने अचानक तीखा रुख अपना लिया है। उत्तर भारत से लगातार प्रवेश कर रही शुष्क और बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे शीतलहर (Cold Wave) का असर और तेज महसूस किया जाएगा।
अंबिकापुर बना ठंड का केंद्र
प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड अंबिकापुर में दर्ज की जा रही है, जहां न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह सामान्य से करीब 4–5 डिग्री कम है। सरगुजा संभाग के ऊंचाई वाले इलाकों — सामरी, मैनपाट, पेंड्रा और आसपास के क्षेत्रों — में तापमान 2 से 4 डिग्री के बीच बना हुआ है। यहां सुबह और रात के समय गलन भरी ठंड लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर रही है।
कोहरे और गलन से जनजीवन प्रभावित
कई जिलों में घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता कम हो रही है। ठंडी हवाओं और गलन के कारण लोग सुबह-शाम घरों से निकलने से बच रहे हैं। ग्रामीण और शहरी इलाकों में अलाव जलाने का सहारा लिया जा रहा है, वहीं गर्म कपड़ों की मांग अचानक बढ़ गई है। सड़कों पर सुबह के समय आवाजाही भी सामान्य से कम देखी जा रही है।
दुर्ग-राजनांदगांव में भी शीतलहर जैसे हालात
दुर्ग और राजनांदगांव जिलों में न्यूनतम तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 3.5 से 4.7 डिग्री कम माना जा रहा है। यहां भी ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। राजधानी रायपुर में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से करीब एक डिग्री कम है।
दो दिन का कोल्ड वेव अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए अगले 48 घंटों का Cold Wave Alert जारी किया है। खास तौर पर उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों — सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव — में शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक जनवरी के दूसरे पखवाड़े तक ठंड अपने चरम पर रह सकती है।
मकर संक्रांति तक राहत की उम्मीद कम
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार मकर संक्रांति से पहले ठंड से राहत मिलने के संकेत कम हैं। इसके बाद तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभव है, लेकिन ठंड का प्रभाव पूरी तरह खत्म होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।


