Congress Eviction Notice Delhi 2026 : देश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Indian National Congress को दिल्ली स्थित अपने दो प्रमुख सरकारी परिसरों को खाली करने का नोटिस मिला है, जिसके बाद केंद्र और कांग्रेस के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।
अकबर रोड और रायसीना रोड पर नोटिस
जानकारी के अनुसार 24 Akbar Road स्थित पार्टी मुख्यालय और 5 Raisina Road स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यालय को निर्धारित समय सीमा के भीतर खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। ये नोटिस 13 मार्च को जारी किए गए थे, जिन पर अब राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। (Focus Keyphrase: Government Bungalow Rule India)
2006 की नीति से जुड़ा पूरा मामला
इस विवाद की जड़ 2006 की उस नीति में है, जिसके तहत राष्ट्रीय दलों को कार्यालय निर्माण के लिए जमीन आवंटित की जाती है। नियमों के मुताबिक, नई जगह पर कार्यालय बनने के बाद पुराने सरकारी बंगले तीन साल के भीतर खाली करना अनिवार्य होता है।
नई जमीन पर बना ‘इंदिरा भवन’, फिर भी कब्जा जारी
कांग्रेस को Deen Dayal Upadhyay Marg पर नई जमीन आवंटित की गई थी, जहां ‘इंदिरा भवन’ का निर्माण पूरा हो चुका है और उसे पार्टी मुख्यालय के रूप में उपयोग किया जा रहा है। इसके बावजूद पुराने परिसरों को खाली नहीं किया गया, जिससे विवाद और गहरा गया।
रिकॉर्ड में पहले ही रद्द हो चुका था आवंटन
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार इन बंगलों का आवंटन वर्ष 2013 में ही रद्द किया जा चुका था। इसके बाद भी कब्जा जारी रहना नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है, जिसे लेकर अब सख्त रुख अपनाया गया है।
सभी दलों पर समान नियम लागू होने का दावा
सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी एक दल तक सीमित नहीं है। Bharatiya Janata Party के साथ भी पहले इसी तरह की स्थिति सामने आई थी। सरकार का कहना है कि 2006 की नीति के तहत सभी राजनीतिक दलों पर एक समान नियम लागू होते हैं और उसी के तहत अब कार्रवाई की जा रही है।


