सीजी भास्कर, 20 सितंबर। महिला ट्रैफिक कांस्टेबल शुभमित्रा साहू की मौत ने पूरे राज्य को हिला दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि यह कोई साधारण वारदात नहीं बल्कि रोंगटे खड़े कर देने वाला (Constable Murder Case) है। पुलिस ने बताया कि शुभमित्रा की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही पति दीपक राउत ने की। और सबसे चौंकाने वाली बात यह कि दीपक भी कमिश्नरेट पुलिस में ही कांस्टेबल है।
10 लाख रुपये के विवाद में बनी हत्या की वजह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दीपक ने शुभमित्रा से करीब 10 लाख रुपये उधार लिए थे। जब पत्नी पैसे लौटाने का दबाव बनाने लगी तो उसने गुस्से में आकर गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को कार की डिक्की में छुपाकर सीधे अपने ऑफिस पहुंचा। वहां पूरी ड्यूटी के दौरान कार पार्किंग में खड़ी रही और किसी को भनक तक नहीं लगी कि अंदर शव है। यही कारण है कि यह (Constable Murder Case) पुलिस महकमे तक में सनसनी का विषय बन गया। यह मामला ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर की है।
लापता से लेकर हत्या तक का सिलसिला
पारादीप निवासी शुभमित्रा छह सितंबर को अपने भुवनेश्वर स्थित घर से ऑफिस के लिए निकली थी, लेकिन वह कभी वापस नहीं लौटी। परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने 25 लाख रुपये इनाम की घोषणा तक कर दी। इस बीच दीपक पर शक गहराता गया क्योंकि वह बार-बार बयान बदल रहा था। पुलिस ने उसका पालीग्राफ टेस्ट कराया और शुभमित्रा की कॉल डिटेल खंगाली। कड़ाई से पूछताछ में दीपक ने हत्या की साजिश कबूल कर ली और इस तरह (Constable Murder Case) का राज खुल गया।
शव को जंगल में दफनाकर बनाया बहाना
दीपक ने पुलिस को बताया कि पत्नी की हत्या के बाद वह शव को कार की डिक्की में रखकर ऑफिस पहुंचा। रात होते ही कार से करीब 170 किलोमीटर दूर घाटकौन इलाके में गया और जंगल में शव को दफना दिया। पुलिस ने मौके से शव बरामद कर लिया है। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा गार्ड भी सबूत बने। मामले की गंभीरता देखते हुए इसे ‘रेड फ्लैग’ केस घोषित कर दिया गया है। अब जांच क्राइम ब्रांच के डीजीपी की निगरानी में होगी।
सहयोगियों की भी भूमिका संदिग्ध
जांच में यह भी सामने आया कि दीपक ने अपने सहयोगी बिनोद भुइंया उर्फ पप्पू और रिश्तेदार शंभु महंत की मदद से शव को ठिकाने लगाया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह (Constable Murder Case) केवल वैवाहिक विवाद नहीं बल्कि पुलिस विभाग की छवि पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। शुभमित्रा की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप की आंखों से आंसू थम नहीं रहे, वहीं इलाके के लोग भी गमगीन हैं। सभी यही कह रहे हैं कि एक बेटी, जिसने वर्दी पहनकर समाज की सेवा का संकल्प लिया था, उसे उसके ही पति ने मौत के घाट उतार दिया।





