Contaminated Water Raipur: रायपुर के कमल विहार सेक्टर-8 और आसपास के इलाकों में पिछले डेढ़ से दो महीनों से नलों से निकलने वाला पानी पीने योग्य नहीं रह गया है। कई घरों में पानी से तेज बदबू आ रही है, रंग बदला हुआ है, और कुछ जगहों पर पानी में गंदगी भी दिख रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह स्थिति (Dirty Tap Water) की गंभीर समस्या बन चुकी है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
सीवरेज चैंबर से सड़क तक बह रहा गंदा पानी, फैल रही दुर्गंध
इलाके में जगह-जगह सीवरेज चैंबर से गंदा पानी सड़कों पर बहता देखा जा सकता है। बारिश या हल्की नमी के बाद बदबू और तेज हो जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवरेज लाइन में लीकेज के कारण यह समस्या पैदा हुई है, जो आगे चलकर (Sewage Water Leak) जैसी गंभीर स्थिति में बदल गई है। इससे सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और बच्चों को संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
घरों में घुस रहा दूषित पानी, बीमारियों का खतरा बढ़ा
निवासियों का कहना है कि सीवरेज लाइन और पेयजल पाइपलाइन पास-पास होने के कारण गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है। कई परिवारों ने पेट दर्द, त्वचा में जलन और दस्त जैसी शिकायतें भी बताई हैं। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक दूषित पानी के संपर्क में रहने से (Public Health Risk) तेजी से बढ़ता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
निगम और RDA पर उठे सवाल, शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम और RDA को शिकायत दी, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। निवासियों का आरोप है कि बड़े-बड़े प्रोजेक्ट और कॉलोनियों के प्रचार के बीच बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी हो रही है। लोगों का कहना है कि सिर्फ अस्थायी पैचवर्क से समस्या टल रही है, जड़ से समाधान नहीं किया जा रहा।
निवासियों की चेतावनी, समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है स्वास्थ्य संकट
कमल विहार के रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सीवरेज लाइन और पेयजल पाइपलाइन की तकनीकी जांच कर सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में बड़े पैमाने पर बीमारियां फैल सकती हैं। लोगों की मांग है कि पूरे इलाके में जल आपूर्ति की क्वालिटी टेस्टिंग कराई जाए और दोषी एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय की जाए।






