सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के अंतर्गत कार्यालय श्रम पदाधिकारी बलौदाबाजार में कार्यरत श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक को भ्रष्टाचार (corruption allegation) के गंभीर आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। श्रम निरीक्षक पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अवैध उगाही और अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे।
श्रम आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा 24 अक्टूबर को एक जांच समिति गठित की गई थी। समिति की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि श्रम निरीक्षक कौशिक ने कार्यक्षेत्र में भ्रमण के दौरान कथित रूप से अवैध वसूली (bribery complaint) और अनुशासनहीनता की गई। इसी आधार पर उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान श्री कौशिक को जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी तथा इस अवधि में उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर, अटल नगर निर्धारित किया गया है। विभाग ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों और जिला पदाधिकारियों को आदेश की सूचना भेज दी है ताकि त्वरित अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
श्रमायुक्त कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी शिकायत पर भविष्य में भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। जांच फिलहाल जारी है और दोष सिद्ध होने पर आगे की प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।


