सीजी भास्कर 21अप्रैल
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में 115 करोड़ रुपए के कथित ओवरटाइम घोटाले का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB-EOW) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मैनपावर एजेंसी के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शराब दुकानों में कागजों पर अतिरिक्त शिफ्ट दिखाकर भुगतान निकाला गया, लेकिन यह रकम कर्मचारियों तक नहीं पहुंची।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा
मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से हुई, जब 29 नवंबर 2023 को रायपुर में 28.80 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि यह रकम कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ी थी। इसके बाद ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज किया और जांच शुरू की।
कागजों में दिखाया गया ओवरटाइम
जांच में सामने आया कि 2019-20 से 2023-24 के बीच शराब दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 115 करोड़ रुपए का ओवरटाइम भुगतान स्वीकृत किया गया था। नियम के मुताबिक यह राशि कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने फर्जी तरीके से ओवरटाइम दिखाकर रकम निकाल ली। यह पैसा कथित तौर पर अधिकारियों और अन्य लोगों के बीच बांटा गया।
गिरफ्तारी और आगे की जांच
इस मामले में मैनपावर एजेंसी के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को अदालत ने 27 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच एजेंसियां बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। पूछताछ में इस घोटाले से जुड़े अन्य अधिकारियों और व्यक्तियों के नाम सामने आने की संभावना है।


