सीजी भास्कर, 17 मार्च। राजधानी में विदेशी करेंसी एक्सचेंज के नाम पर एक सुनियोजित ठगी का मामला (Currency Exchange Scam Rupees) सामने आया है, जिसमें टूर एंड ट्रेवल्स से जुड़े कारोबारी को करीब 19.47 लाख रुपए का चूना लगा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि पूरी वारदात शहर के एक प्रोफेशनल को-वर्किंग स्पेस में बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई।
पीड़ित हरदीप सिंह होरा, जो तैलीबांधा इलाके में ट्रेवल्स का कारोबार करते हैं, को पहले एक बिजनेस कॉल के जरिए जाल में फंसाया गया और फिर विदेशी करेंसी के बदले भारतीय मुद्रा देने का झांसा देकर रकम लेकर फरार हो गए।
फोन कॉल से शुरू हुआ खेल, भरोसे का बनाया गया माहौल
मामले की शुरुआत 1 मार्च को एक कॉल से हुई, जिसमें खुद को हर्षित अग्रवाल बताने वाले शख्स ने विदेश में होटल बुकिंग की बात की। बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा और अगले ही दिन कारोबारी को करेंसी टॉवर स्थित जेनेट को-वर्किंग स्पेस बुलाया गया।
यहां आरोपी ने खुद को बड़े स्तर का क्लाइंट बताते हुए 18 हजार अमेरिकी डॉलर और 2 हजार ब्रिटिश पाउंड के बदले भारतीय मुद्रा देने की पेशकश की। माहौल ऐसा बनाया गया कि पूरा सौदा वास्तविक लगे और कारोबारी को किसी तरह का संदेह न हो।
केबिन के भीतर बदली कहानी, रकम लेकर साथी हुआ फरार
जैसे ही पीड़ित विदेशी करेंसी लेकर तय स्थान पर पहुंचा, आरोपी और उसके साथी ने औपचारिक बातचीत के बाद नोट गिनने की मशीन लाने का बहाना किया। इसी दौरान आरोपी का साथी पूरी रकम लेकर वहां से गायब हो गया। कुछ ही मिनटों में समझ आ गया कि यह कोई सामान्य लेन-देन नहीं, बल्कि सोची-समझी ठगी थी। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी और लोकेशन ट्रैकिंग से खुला राज
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम और साइबर यूनिट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। को-वर्किंग स्पेस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश की गई। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस टीम पश्चिम बंगाल के हावड़ा तक पहुंची, जहां दबिश देकर मुख्य आरोपी प्रोसेनजित चक्रवर्ती को गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी कर चुका है ठगी, गिरोह के अन्य सदस्य तलाश में
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ मुंबई के बांद्रा थाना क्षेत्र में भी ठगी का मामला दर्ज है। इससे संकेत मिलते हैं कि यह एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो अलग-अलग शहरों में इसी तरह लोगों को निशाना बनाता है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और फरार साथियों की तलाश जारी है।
आरोपी से कैश और मोबाइल बरामद, जांच आगे बढ़ी
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से करीब 4.50 लाख रुपए नकद और घटना में इस्तेमाल किया गया आईफोन जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 5.50 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आने की संभावना है।





