सीजी भास्कर, 27 अक्टूबर। देशभर में ऑनलाइन ठगी और गेमिंग एप के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी (Cyber Crime Investigation India) करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यह वही गिरोह था जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों को लुभाता था और कुछ ही मिनटों में उनका खाता खाली कर देता था।
जांच एजेंसियों ने बताया कि यह (Cyber Crime Investigation India) नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर काम करता था और मुंबई के डोम्बीवली इलाके से ऑपरेट किया जा रहा था। गिरोह न सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों से ठगी करता था, बल्कि “100 बुक” नामक ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिए देशभर में अवैध बेटिंग भी संचालित कर रहा था।
इस सनसनीखेज मामले की तह में जाने का सूत्र तब मिला जब खैरागढ़ (जिला राजनांदगांव, छत्तीसगढ़) में संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा वसुधा सिन्हा ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि इंस्टाग्राम पर “चिकनकारी साड़ी शॉपिंग” साइट देखकर उसने ऑर्डर दिया, लेकिन पेमेंट के बाद 64,100 रुपये ठग लिए गए। खैरागढ़ थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 476/2025 दर्ज कर मामले को साइबर सेल को सौंपा।
इसके बाद साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। आरोपी जिस (Cyber Crime Investigation India) इंस्टाग्राम पेज और यूपीआई आईडी से सक्रिय थे, उसका आईपी एड्रेस मुंबई के डोम्बीवली में मिला। आईपीडीआर और कॉल डिटेल रिकार्ड्स से पता चला कि गिरोह के पास 100 से अधिक फर्जी सिम और 100 से अधिक बैंक खातों का नेटवर्क था, जिनसे 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ था।
टीम ने एक सप्ताह तक मुंबई में गुप्त रूप से कैंप कर ऑपरेशन चलाया। दीपावली के दौरान पुलिस ने डिलीवरी बॉय बनकर आरोपियों तक पहुंच बनाई और लोढ़ा पलावा अरोहिया अरबन स्थित दो फ्लैटों पर छापा मारा। वहां गिरोह का मास्टरमाइंड और सात अन्य सदस्य सक्रिय हालत में मिले। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
गिरफ्तार आरोपी हैं – गौतम परमानंद पंजाबी, पवन सुरूसे, विनायक मोरे, अमित मोरे, रामचंद्र चौके, अमोल दिवनाने, अभिषेक डंबडे और मनोज मुखिया। उनके पास से 5 लैपटॉप, 14 एंड्रॉइड फोन, 51 बैंक पासबुक, 51 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक और 25 सिम कार्ड जब्त किए गए। बरामद उपकरणों की जांच में पुलिस को साइबर फ्रॉड के साथ-साथ ऑनलाइन बेटिंग एप के संचालन के प्रमाण भी मिले।
खैरागढ़ पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर सस्ते दामों में साड़ी बेचने का लालच देकर लोगों से ठगी की और फिर “प्रोसेसिंग चार्ज” के नाम पर और रकम वसूली। फिलहाल सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर खैरागढ़ लाया गया है। इनके खिलाफ संगठित अपराध और जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की विवेचना जारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे अब तक की सबसे बड़ी साइबर कार्रवाई बताया है, जिसमें एक पूरे डिजिटल नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंका गया। पुलिस का कहना है कि इस ऑपरेशन ने न सिर्फ प्रदेश, बल्कि देशभर के साइबर अपराधियों को चेतावनी दे दी है।





