सीजी भास्कर, 19 जनवरी। साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने के लिए ठगी (Cyber Fraud) का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है। अब जालसाज शादी के कार्ड के नाम पर मोबाइल पर एपीके फाइल भेज रहे हैं। यह फाइल देखने में डिजिटल निमंत्रण पत्र जैसी होती है, जिसे लोग सामान्य शादी का कार्ड समझकर खोल लेते हैं और अनजाने में साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं।
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, अनजान नंबर से भेजी जाने वाली यह एपीके फाइल व्हाट्सएप के जरिए “शादी का कार्ड जरूर देखें” जैसे संदेश के साथ आती है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड कर मोबाइल में इंस्टाल करता है, वैसे ही ठगों (Cyber Fraud) को उसके फोन में मौजूद निजी जानकारी तक पहुंच मिल जाती है। इसमें बैंक डिटेल, ओटीपी, संपर्क सूची और सोशल मीडिया अकाउंट तक शामिल हैं। कई मामलों में मोबाइल का पूरा नियंत्रण भी जालसाजों के हाथ में चला जाता है, जिसके बाद खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
एएसपी अनुज कुमार ने बताया कि ठग लोगों की जिज्ञासा और सामाजिक संबंधों का फायदा उठा रहे हैं। शादी जैसे भावनात्मक अवसर से जुड़ा संदेश मिलने पर लोग बिना सोचे-समझे फाइल खोल लेते हैं। खासकर बुजुर्ग और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग इनके झांसे में जल्दी आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शादी के कार्ड या किसी भी आधिकारिक दस्तावेज की फाइल सामान्यतः पीडीएफ या इमेज फॉर्मेट में होती है, एपीके फाइल नहीं।
इंस्पेक्टर और हवलदार भी बने शिकार
इस ठगी का दायरा अब आम लोगों तक ही सीमित नहीं रहा। यातायात थाने में पदस्थ निरीक्षक किशोर नाग के मोबाइल पर जालसाजों ने व्हीकल चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजी। निरीक्षक ने फाइल डाउनलोड कर ली, जिसके बाद उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ। हालांकि तब तक ठगों ने उनके मोबाइल कॉन्टैक्ट्स का उपयोग करते हुए सभी नंबरों पर वही एपीके फाइल भेज दी। इसी कड़ी में यातायात थाने में पदस्थ हवलदार जावेद अली भी इस ठगी का शिकार हो गए।
(Cyber Fraud) क्या करें, क्या न करें
एएसपी अनुज कुमार ने बताया कि केवल एपीके फाइल डाउनलोड होने से नुकसान नहीं होता, लेकिन जैसे ही फाइल इंस्टाल होती है, खतरा शुरू हो जाता है। यदि गलती से कोई संदिग्ध एप इंस्टाल हो जाए तो तुरंत मोबाइल की सेटिंग में जाकर उसे अनइंस्टाल करें। इसके बाद बिना देरी किए स्थानीय थाने या साइबर सेल को सूचना दें। जिले के सभी थानों में इस तरह के मामलों में सहायता के लिए प्रशिक्षित पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आई एपीके फाइल, लिंक या चालान संबंधी संदेश पर भरोसा न करें और सतर्क रहकर ही मोबाइल का उपयोग करें।




