सीजी भास्कर, 29 अक्टूबर। सरकारी योजनाओं के नाम पर चल रहे एक साइबर फ्रॉड रैकेट का राजस्थान पुलिस ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने सरकारी वेबसाइटों की हूबहू फर्जी कॉपी बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की। ठग न केवल लाभार्थियों की तरह आवेदन करते थे, बल्कि अधिकारियों की तरह मंजूरी भी खुद ही जारी कर देते थे। पुलिस जांच में अब सरकारी सिस्टम में अंदर तक फैले इस भ्रष्ट नेटवर्क (Cyber Fraud in Government Schemes) का खुलासा हुआ है।
मामला राजस्थान के झालावाड़ जिले का है, जहां पुलिस ने सोमवार को इस हाई-टेक फ्रॉड से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें राज्य सरकार के नोडल अधिकारी मोहम्मद लईक, जिला कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी रमेश व वासुदेव समेत तीन अन्य शामिल हैं। इससे पहले 22 अक्टूबर को पुलिस ने इस मामले में 30 आरोपितों को गिरफ्तार कर 53 लाख रुपये, 35 लैपटॉप, 70 मोबाइल फोन और 14 कारें जब्त की थीं।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि यह गिरोह PM Kisan Samman Nidhi, आपदा प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं के लिए बनाए गए सरकारी पोर्टल्स (Cyber Fraud in Government Schemes) की फर्जी वेबसाइट तैयार कर लोगों के बैंक खातों में अनधिकृत रूप से राशि ट्रांसफर करता था। जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने सरकारी लॉगिन आईडी और पासवर्ड हासिल कर डाटा में हेराफेरी की थी।
इन ठगों ने अपात्र लोगों के नाम से आवेदन कर उन्हें लाभार्थी दिखाया और फिर स्वयं अधिकारी बनकर फर्जी स्वीकृति दी। इसके बाद योजनाओं की राशि उन बैंक खातों में भेज दी गई, जो पहले से गिरोह से जुड़े थे।
एसपी अमित कुमार के मुताबिक, अब तक 11 हजार संदिग्ध बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं, जिनमें करीब एक करोड़ रुपये जमा मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि एक ही मोबाइल नंबर से 95 किसानों की अलग-अलग आईडी (Cyber Fraud in Government Schemes) बनाई गईं। फिलहाल पांच मुख्य आरोपित फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस की टीम पंजाब, दिल्ली, जयपुर, दौसा, भरतपुर और जोधपुर जिलों में लगातार छापेमारी कर रही है।





