सीजी भास्कर 28 जनवरी D.Ed Teacher Recruitment Protest : रायपुर में सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर D.Ed प्रशिक्षित युवाओं का आक्रोश अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने माता-पिता और परिजनों के साथ नया रायपुर स्थित स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के सरकारी निवास की ओर कूच करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन ज़मीनी फैसला अब तक नहीं हुआ।
पहले भी हो चुका है घेराव
यह पहली बार नहीं है जब D.Ed अभ्यर्थी मंत्री आवास तक पहुंचे हों। इससे पहले भी इसी मांग को लेकर घेराव किया जा चुका है। उस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी थी। कई अभ्यर्थियों को जबरन गाड़ियों में बैठाकर अलग-अलग स्थानों पर छोड़े जाने का आरोप लगाया गया था।
महिला अभ्यर्थियों की भी भागीदारी
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला D.Ed अभ्यर्थी भी शामिल हैं। महिलाओं ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहती थीं, लेकिन पुलिस कार्रवाई से वे आहत हैं। उनका कहना है कि जब नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी है, तो फिर उन्हें नौकरी से वंचित क्यों रखा जा रहा है।
24 दिसंबर से जारी आंदोलन
D.Ed अभ्यर्थियों का यह आंदोलन 24 दिसंबर से लगातार चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के तहत नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जा रहे। वे दिन-रात धरना, अनशन और प्रदर्शन के जरिए सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे हैं।
हाईकोर्ट आदेश का हवाला
अभ्यर्थियों का आरोप है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही है। हाईकोर्ट ने रिक्त पदों को तय समय-सीमा के भीतर भरने के निर्देश दिए थे, लेकिन आज भी करीब 2300 पद खाली पड़े हैं। काउंसलिंग और पात्रता प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति नहीं होना युवाओं के लिए निराशाजनक है।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी D.Ed अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि जब तक सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर ठोस और लिखित निर्णय सामने नहीं आता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि उनके भविष्य और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।




