जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में 23 जनवरी 2026 को हुई चोरी के मामले में पुलिस ने 38 दिन की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। इस Danteshwari Temple Theft ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी की कहानी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय मोनू यादव के रूप में हुई है, जो शांतिनगर फ्रेजरपुर, जगदलपुर का निवासी है। उसका स्थायी पता ग्राम मंगनार, थाना करपावंड, जिला बस्तर बताया गया है। उसे मारकेल नगरनार इलाके से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने (Temple Theft Case) से जुड़ी वारदात स्वीकार कर ली।
100 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए
चोरी की घटना के बाद पुलिस ने नौ टीमों का गठन किया। मंदिर परिसर और शहर के विभिन्न स्थानों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की गई। यह कार्रवाई (Jagdalpur Crime News) में बड़ी सफलता मानी जा रही है।
बरगद के पेड़ के नीचे छिपाया गया मंगलसूत्र
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि चोरी के बाद वह रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां पुलिस को देखकर घबरा गया। उसने मंगलसूत्र और सोने के हार का टूटा टुकड़ा स्टेशन के पास बरगद के पेड़ के नीचे पत्थर से ढंककर छिपा दिया। बाद में पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर उक्त स्थान से सामान बरामद कर लिया। यह बरामदगी अब (Gold Recovery Case) के तौर पर दर्ज की गई है।
नदी में फेंका गया बाकी सामान
आरोपी ने खुलासा किया कि वह पीतल की मूर्ति और चांदी की चैन लेकर ट्रेन से ओडिशा की ओर निकल गया था। भंसुली रेलवे ब्रिज के पास नदी में उसने सामान फेंक दिया। एसडीआरएफ और पुलिस टीम ने नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अभी तक मूर्ति और अन्य सामग्री बरामद नहीं हो सकी है।
न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें सुरक्षा चूक और चोरी की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।





